
मिल्कीपुर उपचुनाव में हुई कथित धांधली को लेकर समाजवादी पार्टी का विरोध प्रदर्शन जारी है. इस कड़ी में सपा कार्यकर्ताओं ने वाराणसी में कफन के साथ केंद्रीय चुनाव आयोग का पिंडदान किया. इससे पहले पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा था कि चुनाव आयोग मर गया है, उसे सफेद कपड़ा भेंट करना पड़ेगा.
दरअसल, मिल्कीपुर में हुए मतदान के दौरान से ही सपा चुनाव आयोग, अयोध्या पुलिस-प्रशासन और बीजेपी पर हमलावर है. सपा का आरोप है कि मिल्कीपुर में फर्जी तरीके से बीजेपी के पक्ष में मतदान कराया गया. उनके लोगों को वोट डालने से रोका गया. हालांकि, सपा के धांधली वाले सभी आरोपों को स्थानीय प्रशासन ने खारिज कर दिया है.
बता दें कि 7 जनवरी को वाराणसी के पितरकुंडा में सपा के लोहिया वाहिनी के कार्यकर्ता इकट्ठा हुए. उन्होंने पहले तो बीजेपी पर जमकर हमला बोला फिर विधि-विधान से चुनाव आयोग के पिंड दान की प्रक्रिया पूरी की. उनका कहना था कि हमारे नेता ने जब कह दिया कि चुनाव आयोग मर गया है तो हमने आज उसका पिंड दान भी कर दिया.
इससे पहले समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने मिल्कीपुर में बेईमानी के लिए हर तरह के हथकंडे अपनाए हैं. बीजेपी के गुंडों ने मिल्कीपुर उपचुनाव को प्रभावित करने के लिए अराजकता की, पुलिस-प्रशासन का उन्हें खुला संरक्षण मिलता नजर आया. अखिलेश ने दावा किया कि पुलिस-प्रशासन ने बीजेपी के गुंडों को खुली छूट देकर चुनाव आचार संहिता का घोर उल्लंघन किया, बावजूद इसके निर्वाचन आयोग ने कोई संज्ञान नहीं लिया.
मालूम हो कि उत्तर प्रदेश की मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर बुधवार को उपचुनाव में कुल 3.70 लाख मतदाताओं में से 65 प्रतिशत से अधिक ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया, जो 2022 के विधानसभा चुनावों में दर्ज किए गए मतदान से अधिक है. अखिलेश यादव ने अधिकारियों पर 'फर्जी मतदान' और धांधली का आरोप लगाया. हालांकि, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने आरोप को खारिज कर दिया और कहा कि सभी मतदान केंद्रों पर मतदान शांतिपूर्ण ढंग से हुआ. फिलहाल, इस उपचुनाव के नतीजे 8 फरवरी को घोषित होंगे.