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डिसऑर्डर का मरीज था FB पर लाइव सुसाइड करने वाला कणाद रघुवंशी, जुए में लाखों हारने पर बेच दी थीं 2 कारें

कणाद रघुवंशी ने अपने घर पर फेसबुक लाइव कर फांसी लगाई थी. यह सुसाइड इसलिए चर्चा में रहा क्योंकि मृतक मशहूर समाजसेवी लेनिन रघुवंशी का छोटा भाई था. लेनिन का कहना है कि उसका छोटा भाई मूड डिसऑर्डर बीमारी से ग्रसित था. उसे शराब और जुए की लत लग चुकी थी. वह जुए में 10 लाख रुपये भी हार चुका था.

कणाद रघुवंशी (फाइल-फोटो) कणाद रघुवंशी (फाइल-फोटो)
रोशन जायसवाल
  • वाराणसी,
  • 20 मई 2023,
  • अपडेटेड 10:19 AM IST

UP News: वाराणसी के दौलतपुर में 35 साल के कणाद रघुवंशी ने बुधवार देर रात फेसबुक लाइव कर पंखे से लटककर फांसी लगा लगी थी. यह घटना इसलिए चर्चा का विषय बनी, क्योंकि मृतक जाने-माने समाजसेवी लेनिन रघुवंशी का भाई था.

मृतक के भाई लेनिन ने फिलिपिंस से Aajtak को खास बातचीत में बताया कि उसके भाई को शराब और जुए की लत थी. वह कई बार मारपीट के आरोप में पुलिस थाने के चक्कर भी काट चुका था. 7 भाइयों में कणाद रघुवंशी मूड डिसऑर्डर बीमारी से ग्रसित भी था, जिसका इलाज भी चल रहा था. 

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लेनिन रघुवंशी ने बताया कि साल 2021 में कणाद ने मंदिर में अंतरजातीय विवाह किया था. पत्नी को घर वापस लाने पर परिवार के लोगों ने आर्य समाज मंदिर में पारंपरिक रूप से दोनों की शादी कराई थी.

माता-पिता सहित सभी भाईयों ने शादी में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था. नवदंपति को आशीर्वाद दिया और उपहार में 11 तोला सोना दिया गया, जिससे छाया और कणाद अपना जीवन खुशहाली में बिताएं. 

पिता ने दी थी 3 करोड़ की जमीन 

लेनिन रघुवंशी ने आगे बताया कि उनके पिता जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी के पद रिटायर हुए हैं. वह कणाद को अपना खर्च उठाने के लिए 30 हजार रुपये हर महीने देते थे. इसके अलावा, 2012 में वसीयत के अनुसार, कणाद को पहड़िया इलाके में तीन बिस्वा जमीन मिली थी.  

इस जमीन की कीमत अभी 3 करोड़ रुपये है. इसके अलावा पुश्तैनी संपत्ति में भी हक होने के नाते कणाद बार-बार चौबेपुर वाली संपत्ति की भी मांगा करता था, जबकि अभी पिताजी के जीवित होने पर ऐसा संभव नहीं था. 

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शराब और जुए की लग गई थी लत 

कणाद पिछले 7-8 सालों से शराब पीने लगा था और जुआ भी खेलने लगा था. वह शराब पीकर अक्सर परिवार के लोगों और भाइयों से बदतमीजी और गाली गलौज करता था. इतना ही नहीं, उसके ऊपर शराब पीकर लड़ाई करने, मारपीट करने के चार मुकदमे भी चल रहे हैं.

अभी कुछ समय पहले उसकी हाईकोर्ट से जमानत भी कराई गई थी. उन्होंने आगे बताया कि कणाद जेल जाने से डरता था और अभी इसके खिलाफ 82 की नोटिस भी लालपुर वाले मकान पर आया था. इसलिए वह भागकर चौबेपुर जाकर रहने लगा. जुए की लत की वजह से वह 10 लाख रुपये तक हार चुका था और 2 कार बेच चुका था. 

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