
गाजीपुर के सांसद अफजाल अंसारी ने अपने भाई मुख्तार अंसारी की मौत पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि अगर सरकार समझ रही है कि हमने इस कहानी का एंड कर दिया है तो ऐसा नहीं है. ये कहानी तो अब शुरू होगी.
अफजाल ने कहा, मुख्तार अंसारी का बिसरा प्रिजर्व किया गया है. मुख्तार के शव को इस तरह से दफन किया गया है कि आने वाले 5 या 20 साल बाद भी अगर जांच करनी हो तो नाखून और बाल से भी जांच हो जाएगी और मुख्तार की मौत के कारणों का पता चल जाएगा. अफजाल अंसारी ने कहा कि ये कहानी मुख्तार की मौत से बाद खत्म नहीं हुई है बल्कि शुरू हुई है.
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जहर देकर मारा गया है: अफजाल
गाजीपुर सांसद ने मुख्तार की मौत को लेकर सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि मुख्तार को जेल में जहर देकर मारा गया है. अफजाल ने कहा, "मुख्तार अंसारी ने जहर खिलाकर मारने के प्रयास को कोर्ट के सामने भी बताया था. जेल में मुख्तार अंसारी को जो खाना दिया जाता था, उसे बैरक इंचार्ज पहले खाकर चेक करता था, उसकी भी तबीयत खराब हो गई है. पूरी योजना के तहत मुख्तार को मारा गया. इसमें डॉक्टर, जेल प्रशासन, सरकार और सादे भेष में घूमने वाले एलआईयू और एसटीएफ के लोग शामिल हैं. इन सभी ने मुख्तार की हत्या की है."
'अंतिम यात्रा से होती है औकात की पहचान'
अफजाल अंसारी ने कहा, किसी की औकात की पहचान उसकी अंतिम यात्रा से होती है. शासन-प्रशासन ने गाजीपुर समेत पूरे पूर्वांचल में दहशत का माहौल पैदा किया था. मगर फिर भी यहां लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. लोगों की संख्या देखकर अधिकारी हैरान रह गए.
28 मार्च को हुई थी मुख्तार की मौत
बता दें कि 28 मार्च की रात मुख्तार अंसारी की मौत हुई थी. बांदा जेल में अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई थी. इसके बाद बांदा मेडिकल कॉलेज में इलाज के लिए ले जाया गया था. यहां इलाज के दौरान अंसारी की मौत हो गई. मौत का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया है.