
पति की हत्या के आरोप में जेल में बंद मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल का आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आमना-सामना होगा. दोनों की 14 दिन की न्यायिक हिरासत पूरी हो रही है, जिसके चलते उन्हें ऑनलाइन तरीके से कोर्ट में पेश किया जाएगा. इस पेशी के दौरान दोनों एक-दूसरे को देख सकेंगे और उनकी आवाज भी एक दूसरे को सुनाई देगी.
अलग-अलग बैरकों में रह रहे हैं मुस्कान और साहिल
मेरठ जिला जेल प्रशासन ने मुस्कान और साहिल को जेल नियमों के तहत अलग-अलग बैरकों में रखा है. दोनों ने एक ही बैरक में रहने की इच्छा जताई थी, लेकिन जेल मैन्युअल के नियमों के कारण यह संभव नहीं हो सका. जेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जेल के नियमों के अनुसार ही कोई निर्णय लिया जाता है और फिलहाल दोनों को अलग-अलग बैरकों में ही रहना होगा.
जेल में काम करने की अनुमति
जेल प्रशासन ने दोनों को उनकी रुचि के अनुसार जेल में कार्य करने की अनुमति दी है. मुस्कान ने सिलाई-कढ़ाई का काम सीखने की इच्छा जताई, जबकि साहिल ने खेती-किसानी में रुचि दिखाई. जेल प्रशासन ने उनकी मांग स्वीकार कर ली और दोनों को उनके कार्यों में शामिल कर दिया गया है. इससे न केवल वे जेल में समय व्यतीत कर सकेंगे, बल्कि उनके आचरण का भी मूल्यांकन किया जाएगा.
सरकारी वकील लड़ रही हैं केस
साहिल और मुस्कान ने सरकारी वकील की मांग की थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया. मेरठ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उदयवीर सिंह के अनुसार, आरोपियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराना न्यायिक प्रक्रिया का अनिवार्य हिस्सा है. इसके तहत रेखा जैन को उनका वकील नियुक्त किया गया है. रेखा जैन ने जेल में जाकर दोनों से मुलाकात की और उनके पक्ष में अदालत में दलीलें पेश करेंगी.
कत्ल के बाद मस्ती में डूबे थे दोनों
जांच में सामने आया है कि अपने पति सौरभ की हत्या के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश भाग गए थे. वहां उन्होंने कई दिनों तक नशे में धुत्त होकर मस्ती की थी. हाल ही में सामने आई तस्वीरों और वीडियो में दोनों को बेफिक्र और आनंदित देखा जा सकता है. इन तस्वीरों से साफ जाहिर होता है कि उन्हें अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है.
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी
आज की ऑनलाइन पेशी में मुस्कान और साहिल पहली बार एक-दूसरे को देख सकेंगे. इस दौरान उनके चेहरे के भावों पर भी नजर रहेगी कि क्या वे अपने किए पर शर्मिंदा हैं या अब भी बेफिक्र बने हुए हैं. अदालत इस मामले में आगे की कार्यवाही तय करेगी और दोनों की न्यायिक हिरासत बढ़ाई जा सकती है या नए आदेश जारी किए जा सकते हैं.