
उत्तर प्रदेश के हाथरस में हुए हादसे को लेकर साकार विश्व हरि उर्फ सूरजपाल के वकील एपी सिंह ने बड़ा दावा किया है. उन्होंने हादसे के पीछे की नई थ्योरी बताते हुए कहा कि कुछ लोगों के पास जहरीले स्प्रे थे, जिस वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई. इसी वजह से भगदड़ मची और इतने लोगों की जान गई. एपी सिंह ने कहा कि इस मामले में बाबा के सत्संग को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है.
दिल्ली में रविवार को मीडिया से बात करते हुए भोले बाबा के वकील एपी सिंह ने आरोप लगाया कि एक साजिश के तहत भोले बाबा की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए यह पूरी घटना कराई गई. उन्होंने कहा कि बीती दो जुलाई को हाथरस सत्संग के दौरान कुछ लोगों ने भीड़ में जहरीले पदार्थ वाली कैन खोल दी, जिससे भगदड़ मच गई.
'10-12 लोगों ने जहरीला स्प्रे छिड़का...'
वकील एपी सिंह का आरोप है, "सत्संग में अज्ञात 10-12 लोग जहरीला स्प्रे लेकर आए थे. वे जहरीला स्प्रे छिड़कते हुए भागे और यह एक पूर्व नियोजित साजिश का हिस्सा लग रहा है. ये सभी लोग गाड़ी से भाग गए. इसमें कई लोग बेहोश हो गए. मैं विशेष जांच दल (SIT) से आग्रह करता हूं कि वह इस बात की जांच करे कि इस घटना के पीछे कौन लोग हैं." उन्होंने मांग की है कि पुलिस घटना के पहले और बाद का सीसीटीवी सीज करे क्योंकि उसी से साजिश करने वालों का पता चलेगा. यह दुर्घटना नहीं बल्कि हत्या का मामला है.
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हाथरस भगदड़ में गई 121 लोगों की जान
बता दें कि बीती दो जुलाई को यूपी के हाथरस में सूरजपाल उर्फ भोले बाबा के सत्संग में भगदड़ मची थी, जिसमें 121 लोगों की मौत हो गई, जिनमें ज्यादातर महिलाएं थीं. इस मामले की जांच के लिए एक एसआईटी का गठन किया गया है. इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी और एक लाख रुपये के इनामी देव प्रकाश मधुकर को गिरफ्तार कर लिया है. इसके अलावा छह और आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है. ये सभी आरोपी सत्संग आयोजन समिति के सदस्य थे.
बाबा का खास है देव प्रकाश मधुकर
देव प्रकाश मधुकर ही हाथरस कार्यक्रम का मुख्य आयोजक था. इसके साथ ही वह बाबा का खास आदमी भी है. हादसे के बाद बाबा ने उसी से फोन पर काफी देर तक बात की थी. न्यूज एजेंसी के मुताबिक, भगदड़ की घटना के बाद से देवप्रकाश मधुकर घर नहीं लौटा था. उसके परिवार के सदस्य भी लापता थे. मधुकर के बारे में कहा जाता है कि वह एक समय जूनियर इंजीनियर (JE) था लेकिन बाद में बाबा सूरजपाल का बड़ा भक्त बन गया. देवप्रकाश मधुकर का घर सिकंदरा राऊ इलाके के दामादपुरा की नई कॉलोनी में है.