
नोएडा अथॉरिटी में वित्तीय अनियमितता मामले में जांच कर रही है SIT ने सुप्रीम कोर्ट में अपनी रिपोर्ट दाखिल कर दी है. एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं और बताया है कि अधिग्रहित जमीन के मुआवजा वितरण में बड़ा गड़बड़झाला हुआ है.
18 मार्च को होगी सुनवाई
एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार, नोएडा अथॉरिटी द्वारा अधिग्रहित जमीन के मुआवजा वितरण मामले में बड़ा गड़बड़ झाला हुआ है, क्योंकि 117.56 करोड़ रुपये अपात्र किसानों को दिए गए हैं. वहीं, रिपोर्ट मिलने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने नोएडा अथॉरिटी को इस मामले से संबंधित सभी दस्तावेज ओरिजनल दस्तावेज कोर्ट में जमा करने का निर्देश दिया है. इसके साथ ही अथॉरिटी के कई बड़े अधिकारी उच्चतम न्यायालय के रडार पर आ गए हैं. अब इस मामले की अगली सुनवाई 18 मार्च को होगी.
2 अधिकारी हो चुके हैं सस्पेंड
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर एसआईटी ने पिछले 15 सालों में दिए गए मुआवजे के वितरण का डाटा खंगाला है, जिसमें बड़ी हेर-फेर सामने आई है. इस मामले की जांच के लिए एक एसआईटी गठित की गई थी, जिसमें रेवेन्यू बोर्ड के चेयरमैन, मेरठ की मंडल कमिश्नर सेल्वा कुमारी और मेरठ के ADJ डीके ठाकुर शामिल थे. वहीं, इस मामले में पूर्व अथॉरिटी के विधि विभाग के 2 अधिकारी सस्पेंड हो चुके हैं.