
योगी सरकार में मंत्री बनते ही तेवर बदलने वाले ओमप्रकाश राजभर ने अपने बयानों को लेकर सफाई दी है. 'गब्बर सिंह समझ लो' वाले बयान का बचाव करते हुए ओम प्रकाश राजभर ने कहा है कि वह बयान उन्होंने खलनायक नहीं, बल्कि हीरो की भूमिका में कहा था.
ओपी राजभर ने कहा,'समाजवादी पार्टी की सरकार में गुंडाराज था. समाजवादी सरकारों में गरीबों का मनोबल दबाया गया था. लेकिन योगी राज में गुंडाराज खत्म हो गया है. मैंने गरीबों का मनोबल बढ़ाने और उनमें जोश भरने के लिए कहा था. इसके साथ ही पूर्वांचल की भाषा में लोगों को समझाने के लिए कहा था कि मैं गब्बर हूं. मैंने खलनायक नहीं, हीरो की भूमिका में कहा था.'
'साफा पहनकर जाने में मानहानि नहीं'
बयान का बचाव करते हुए राजभर ने कहा,'मैंने सही कहा था कि पीला साफा पहनकर थाने जाओ, ताकी दरोगा को भी लगे कि सामने राजभर खड़ा है. पीला साफा पहनकर जाने से कोई मनमानि नहीं बढ़ेगी. हमने लाखों लोगों को समाज में जीने लायक बनाया है.'
मंत्री बनते ही राजभर ने दिखाए थे तेवर
एक दिन पहले ही सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने मंत्री बनते ही कड़े तेवर दिखाए थे. राजभर ने खुद को गब्बर सिंह बताया था और अपने कार्यकर्ताओं को पीला गमछा डालकर थाने जाने की सलाह दी थी. राजभर ने खुद की तुलना मुख्यमंत्री तक से कर डाली थी.
राजभर बोले- कहा था हम मंत्री बनेंगे
SBSP चीफ ने कहा था,'आप लोगों ने देखा कि मुख्यमंत्री बैठकर ओम प्रकाश राजभर को शपथ दिला रहे थे. हम मंत्री बनेंगे- बोलो कहा था या नहीं? ललकार कर कहा था कि मंत्री बनेंगे और बनकर दिखा दिया. आज मुख्यमंत्री की पावर के बाद अगर किसी के पास पावर है तो वो ओमप्रकाश राजभर के पास है.'
'दरोगा को तुम्हारी शक्ल में राजभर दिखेगा'
ओम प्रकाश ने कार्यकर्ताओं से कहा था,'मैं कहता हूं किसी थाने पर जाओ, लेकिन सफेद गमछा मत लगाओ. हमारा पीला गमछा लगाओ. पीला गमछा लगाकर जब थाने पर जाओगे तब तुम्हारी शक्ल में दरोगा को राजभर (ओम प्रकाश) दिखेगा. जाकर बता देना कि मंत्री जी ने भेजा है. दरोगा, DM, SP में पावर नहीं है कि फोन लगाकर पूछे कि मंत्री ने लोगों को भेजा है या नहीं. शोले में एक गब्बर सिंह था, तो मुझे भी गब्बर समझ लो.'