
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में इन दिनों बंदरों के आतंक से लोग बेहद सहमे हुए हैं. बंदरों के हमले से अब तक 2 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि आधा दर्जन से ज्यादा लोग घायल हो चुके हैं. शहर के नगर निगम क्षेत्र में बंदरों ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है.
शहर की गलियों में बंदर हर समय घूमते रहते हैं जिससे अधिकांश इलाकों की गलियों में सन्नाटा पसरा रहता है. लोगों को डर है कि बंदर उनको चोट पहुंचा सकते हैं. हालात इस कदर खराब हैं कि अब लोग अपने घरों की छतों पर जाने से डरते हैं, छतों पर बंदरों का साम्राज्य है और वो किसी पर भी हमला कर देते हैं.
बीते दिनों कांच चूड़ी के व्यापारी आशीष कुमार जैन की बंदरों की वजह से मौत हो गई थी. वो अपने परिवार के इकलौते बेटे थे और जब सुबह पक्षियों को दाना डालने गए तो बंदरों ने उन पर हमला बोल दिया.
बंदरों से बचाव के चक्कर में आशीष छत से नीचे गिर गए जिसके बाद इलाज के दौरान अस्पताल में उनकी मौत हो गई. इसी तरह 2 दिन पहले ही बौहरान गली में रहने वाली रेनू गुप्ता दूसरी मंजिल पर पानी की टंकी में पानी देखने गई तो बंदरों ने अचानक उस पर हमला कर दिया. इससे वो नीचे गिर गई और उसकी मौत हो गई.
बहुत सारे इलाके ऐसे हैं जहां पर बंदरों ने लोगों पर हमला किया है, स्थानीय लोगों की माने तो आधा दर्जन से अधिक लोगों को बंदर पिछले 2 हफ्ते में ही घायल कर चुका है लेकिन नगर निगम ने इन बंदरों से निजात दिलाने के लिए अभी तक कोई ठोस उपाय नहीं किए हैं.
हालांकि कई हफ्ते पहले ऐसे बंदरों को पकड़ने के लिए नगर निगम ने कई स्थानों पर पिजड़े लगाए थे लेकिन यह अभियान भी 2 दिन में ही बंद हो गया. अधिकांश लोग बंदरों से बचने के लिए अपने घरों में कैद होकर रह गए हैं.
सर्दी में भी अगर वह छत पर धूप का आनंद लेने जाएं तो डर से नहीं जाते हैं कि कहीं बंदर हमला ना कर दे. लोगों के मुताबिक एक ही जगह पर 100 से अधिक बंदर जमा रहते हैं और खाने की तलाश में आम लोगों पर हमला करते हैं.