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संभल के लोगों ने ओवैसी का दावा किया खारिज, बोले- पलायन जैसी कोई बात नहीं, ताले लटकने की बात कहना गलत

संभल हिंसा पर असदुद्दीन ओवैसी के एक हजार घरों पर ताले लगाने के दावे को स्थानीय लोगों और पुलिस ने खारिज कर दिया है. लोगों का कहना है कि इलाके में कोई पलायन नहीं हुआ और जनजीवन सामान्य है. एसपी संभल ने भी इसे गलत बताया और कहा कि केवल अपराधी फरार हैं. पुलिस की कार्रवाई जारी है. इसको लेकर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने असदुद्दीन ओवैसी को नसीहत देते हुए बड़ा बयान दिया है.

 AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी.
अभिनव माथुर
  • संभल,
  • 17 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 5:42 PM IST

उत्तर प्रदेश के संभल में 24 नवंबर को जामा मस्जिद के आसपास हुई हिंसा को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के 'X' पोस्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. ओवैसी ने दावा किया कि हिंसा के कारण इलाके में दहशत का माहौल है और करीब एक हजार घरों पर ताले लगे हुए हैं. लेकिन जब इस दावे की सच्चाई जांची गई तो हालात इसके बिल्कुल उलट नजर आए.

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दरअसल, संभल में 24 नवंबर को जामा मस्जिद के पास हुए सर्वे के दौरान हिंसा भड़क उठी थी. करीब ढाई से तीन हजार लोगों की भीड़ ने पथराव और आगजनी की थी, जिसके बाद पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक 79 लोगों को गिरफ्तार किया है. हिंसा के बाद कुछ घरों पर ताले लगे देखे गए थे, क्योंकि लोग अस्थायी रूप से घर छोड़कर चले गए थे. लेकिन अब दो महीने से ज्यादा समय बीत जाने के बाद हालात सामान्य हो चुके हैं.

ये भी पढ़ें- संभल हिंसा: चौराहों पर लगाए गए उपद्रवियों के पोस्टर, जानकारी देने वालों को दिया जाएगा इनाम

ओवैसी के 'X' पोस्ट से भड़का विवाद

असदुद्दीन ओवैसी ने एक्स (ट्विटर) पर दावा किया कि संभल में दहशत और जुल्म का माहौल है, जिसके चलते एक हजार घरों पर ताले लगे हुए हैं. उनके इस बयान के बाद इलाके में हकीकत जानने के लिए जब 'आजतक'की टीम मौके पर पहुंची और जांच की तो स्थानीय लोग और पुलिस प्रशासन ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया. इलाके के लोगों ने ओवैसी के दावे का खंडन किय. जामा मस्जिद के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि इलाके में कोई पलायन नहीं हुआ और न ही घरों पर ताले लगे हुए हैं.

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परचून की दुकान चलाने वाली महिला दुकानदार सलमा ने बताया कि इलाके से कोई भी नहीं गया, सभी लोग यहीं रह रहे हैं. अगर किसी घर पर ताला है तो वे निजी कारणों से बाहर गए हैं. न कि किसी डर की वजह से. परिवहन विभाग में काम करने वाले अली अब्दुल मोब ने कहा कि हिंसा के बाद कुछ लोग अस्थायी रूप से चले गए थे, लेकिन अब सभी वापस आ चुके हैं. एक महीने बाद ही इलाके के हालात सामान्य हो गए थे.

वहीं, एक स्थानीय बुजुर्ग ने बताया कि अगर किसी मकान पर ताला दिख रहा है तो वह पहले से ही खाली था या उनके मालिक किसी अन्य कारण से बाहर गए हैं. यहां कोई भी पलायन नहीं कर रहा. एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि 24 नवंबर को संभल में हुई हिंसा में 2500-3000 लोग शामिल थे और उन्होंने पथराव और आगजनी की थी. हिंसा में शामिल 79 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है और कुछ फरार उपद्रवियों के पोस्टर लगाए गए हैं. संभल से जो लोग लापता हैं, वे संभवत: वही लोग हैं जो 24 नवंबर को हुई हिंसा में शामिल थे. 

संभल के एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने आगे कहा कि इसके अलावा जनजीवन सामान्य रूप से चल रहा है. लोगों की दुकानें खुली हैं. बच्चे स्कूल-कॉलेज जा रहे हैं. लेकिन पलायन की बात 100 फीसदी गलत है. इलाके में कानून-व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है. हिंसा में शामिल 79 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और कुछ फरार आरोपियों की तलाश जारी है. आम जनता में किसी भी तरह का डर नहीं है, बल्कि अपराधियों में डर का माहौल होना चाहिए. पलायन जैसी कोई बात पूरी तरह गलत है.

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कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम का बड़ा बयान

ओवैसी के बयान पर कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने असदुद्दीन ओवैसी को नसीहत देते हुए बड़ा बयान दिया है. आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि संभल से एक भी व्यक्ति भागा नहीं है, बल्कि कुछ अपराधी फरार हैं. जिन लोगों ने पुलिस पर हमला किया, पथराव किया और जामा मस्जिद में सर्वेक्षण के लिए कोर्ट द्वारा नियुक्त कोर्ट कमिश्नर को मारने की कोशिश की वे अपराधी फरार हैं. उन्होंने कहा कि संभल से कोई भी नहीं गया, बल्कि केवल अपराधी फरार हैं. ओवैसी झूठ फैला रहे हैं. अब वक्त आ गया है कि ओवैसी खुद पलायन करें और पाकिस्तान चले जाएं. अगर उन्हें आर्थिक समस्या हो तो हम उनके चार्टर प्लेन का इंतजाम कर देंगे.

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