
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं. वह कल्कि धाम मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में शामिल होने सुबह संभल पहुंचे. यहां हेलीपैड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका स्वागत किया. इसके बाद वह सीधे कार्यक्रम स्थल पहुंचे और पूजा में शामिल हुए. वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पीएम मोदी ने कल्कि धाम मंदिर का भूमि पूजन किया. पूजा के दौरान पीएम मोदी के एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और दूसरी ओर आचार्य प्रमोद कृष्णम बैठे. भूमि पूजन अनुष्ठान समाप्त होने के बाद पीएम मोदी मंच पर पहुंचे, तो श्री कल्कि धाम मंदिर निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष आचार्य प्रमोद कृष्णम और स्वामी अवधेशानंद गिरि ने अंगवस्त्र ओढ़ाकर उनका स्वागत किया.
पीएम मोदी ने श्री कल्कि धाम मंदिर शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कहा कि आज यूपी की धरती से भक्ति, भाव और अध्यात्म की एक और धारा प्रवाहित होने को लालायित है. आज पूज्य संतों की साधना और जनमानस की भावना से एक और पवित्र धाम की नींव रखी जा रही है. मुझे विश्वास है कि कल्कि धाम भारतीय आस्था के एक और विराट केंद्र के रूप में उभरकर सामने आएगा. कई ऐसे अच्छे काम हैं, जो कुछ लोग मेरे लिए ही छोड़ कर चले गए हैं. आगे भी जितने अच्छे काम रह गए हैं, उनको भी संतों और जनता-जनार्दन के आशीर्वाद से हम पूरा करेंगे.
'पांच एकड़ में फैला कल्कि धाम कई मायनों में विशिष्टि होगा'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्म-जयंती भी है. ये दिन इसलिए और भी पवित्र और प्रेरणादायक हो जाता है. आज हम देश में जो सांस्कृतिक पुनरोदय देख रहे हैं, अपनी पहचान पर गर्व कर रहे हैं, ये प्रेरणा हमें छत्रपति शिवाजी महाराज से ही मिलती है. मैं इस अवसर पर छत्रपति शिवाजी महाराज के चरणों में श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं. कई एकड़ में फैला ये विशाल धाम कई मायनों में विशिष्ट होने वाला है. ये ऐसा मंदिर होगा, जिसमें 10 गर्भगृह होंगे और भगवान के सभी 10 अवतारों को विराजमान किया जाएगा.
'हम अबू धाबी में पहले विराट मंदिर के लोकार्पण के साक्षी बने'
कल्कि धाम मंदिर के शिलान्यास कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि 10 अवतारों के माध्यम से हमारे शास्त्रों में केवल मनुष्य ही नहीं बल्कि अलग-अलग स्वरूपों में ईश्वरीय अवतार को प्रस्तुत किया गया है. यानी हमने हर जीवन में ईश्वर की ही चेतना के दर्शन किये हैं. पिछले महीने ही, देश ने अयोध्या में 500 साल के इंतजार को पूरा होते देखा है. रामलला के विराजमान होने का वो अलौकिक अनुभव, वो दिव्य अनुभूति अब भी हमें भावुक कर जाती है. इसी बीच हम देश से सैकड़ों किमी दूर अरब की धरती पर, अबू धाबी में पहले विराट मंदिर के लोकार्पण के साक्षी भी बने हैं. इसी कालखंड में हमने विश्वनाथ धाम को निखरते देखा है. इसी कालखंड में हम काशी का कायाकल्प देख रहे हैं.
आज हमारी शक्ति अनंत है और संभावनाएं भी अपार हैं: PM
पीएम मोदी ने कहा कि इसी दौर में महाकाल के महालोक की महिमा हमने देखी है. हमने सोमनाथ का विकास देखा है, केदार घाटी का पुनर्निर्माण देखा है. हम विकास भी, विरासत भी के मंत्र को आत्मसात करते हुए चल रहे हैं. आज एक ओर हमारे तीर्थों का विकास हो रहा है, तो दूसरी ओर शहरों में हाइटेक इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार हो रहा है. आज अगर मंदिर बन रहे हैं, तो देश भर में नए मेडिकल कॉलेज भी बन रहे हैं. आज विदेशों से हमारी प्राचीन मूर्तियां भी वापस लाई जा रही हैं और रिकॉर्ड संख्या में विदेशी निवेश भी आ रहा है. आज हमारी शक्ति अनंत है और संभावनाएं भी अपार हैं.
'देश में 22 जनवरी से नए कालचक्र की शुरुआत हो चुकी है'
पीएम मोदी ने कहा कि 22 जनवरी से देश में नए कालचक्र की शुरुआत हो चुकी है. प्रभु श्रीराम ने जब शासन किया, तो उसका प्रभाव हजारों वर्ष तक रहा. उसी तरह रामलला के विराजमान होने से अगले हजार वर्षों तक भारत के लिए एक नई यात्रा का शुभारंभ हो रहा है. भगवान राम की तरह ही कल्कि अवतार भी हजारों वर्षों की रूपरेखा तय करेगा. हम ये कह सकते हैं कि कल्कि कालचक्र के परिवर्तन के प्रणेता भी हैं और प्रेरणास्रोत भी हैं. भारत पराभव से भी विजय को खींच लाने वाला राष्ट्र है. हम पर सैकड़ों वर्षों तक इतने आक्रमण हुए. कोई और देश होता, कोई और समाज होता तो लगातार इतने आक्रमणों की चोट से पूरी तरह नष्ट हो गया होता. फिर भी हम न केवल डटे रहे, बल्कि और भी ज्यादा मजबूत होकर सामने आए. देश में सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास का ज्वार अद्भुत है आज पहली बार भारत उस मुकाम पर है, जहां हम अनुसरण नहीं कर रहे, उदाहरण पेश कर रहे हैं.
कलियुग में भगवान कल्कि संभल की धरती पर अवतरित होंगे
आचार्य प्रमोद कृष्णम ने स्वागत भाषण में कहा- मैं श्री कल्कि धाम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करता हूं... 18 साल पहले देखे गए 'सनातन धर्म' के सपने को पूरा करने के लिए देश के कोने-कोने से हजारों संत यहां एकत्र हुए हैं. हमारे धर्मग्रंथों में लिखा है, जब जब अधर्म और पाप अपने चरम पर पहुंचा, तब तब अधर्मियों का नाश करने और धर्म की पुर्नस्थापना करने के लिए भगवान ने अवतार लिया.उन्होंने कहा कि त्रेता में भगवान राम ने अयोध्या में, द्वापर में भगवान कृष्ण ने मथुरा में जन्म लिया. कलियुग में भगवान कल्कि संभल की धरती पर अवतरित होंगे. उन्होंने इस कार्यक्रम में आने और कल्कि धाम का शिलान्यास करने के लिए पीएम मोदी का आभार जताया.
कल्कि धाम मंदिर के 10 गर्भगृह में भगवान विष्णु के 10 अवतार
इस मंदिर को श्री कल्कि धाम निर्माण ट्रस्ट बनवा रहा है, जिसके अध्यक्ष आचार्य प्रमोद कृष्णम हैं. इस कार्यक्रम में शामिल होने देशभर से 11000 से अधिक साधु-संत संभल पहुंचे हैं. कई धार्मिक नेता और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी मंदिर के शिलान्यास समारोह में उपस्थित हैं. श्री कल्कि धाम मंदिर परिसर 5 एकड़ में बनकर तैयार होगा. इसका निर्माण कार्य पूरा होने में 5 साल लगेंगे. इस मंदिर का निर्माण भी बंसी पहाड़पुर के गुलाबी पत्थरों से होगा. सोमनाथ मंदिर और अयोध्या का राम मंदिर भी बंसी पहाड़पुर के पत्थरों से ही बना है. मंदिर के शिखर की ऊंचाई 108 फीट होगी. इसमें स्टील या लोहे का इस्तेमाल नहीं होगा. श्री कल्कि धाम मंदिर में 10 गर्भगृह होंगे, जिनमें भगवान विष्णु के 10 अवतारों के विग्रह स्थापित किए जाएंगे.