
यूपी के सुल्तानपुर जिले (Sultanpur) में दिनदहाड़े हुई दो करोड़ की डकैती के मुख्य आरोपी मंगेश यादव के एनकाउंटर को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल मच गई है. समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव ने इस एनकाउंटर पर गंभीर सवाल उठाते हुए प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है. वहीं, योगी सरकार ने अखिलेश के आरोपों का जवाब देते हुए राजनीति करने का आरोप लगाया है.
एनकाउंटर को लेकर एसटीएफ के डिप्टी एसपी डीके शाही ने कहा कि जो जिस तरह का अपराधी है, उसको उसी तरह की सजा मिल रही है. पहले अपराध था, लेकिन अब अपराध का ग्राफ काम हो गया है.
28 अगस्त को सुल्तानपुर के भरत ज्वेलर्स में दो करोड़ की डकैती हुई थी. इस घटना का मुख्य आरोपी मंगेश यादव था, जिस पर एक लाख का इनाम घोषित किया गया था. 6 सितंबर को उत्तर प्रदेश एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मंगेश यादव मारा गया. हालांकि, इस एनकाउंटर के बाद सियासत गर्म हो गई है. अखिलेश यादव ने इस एनकाउंटर को लेकर सवाल खड़े करते हुए कहा कि अगर लुटेरे पकड़े गए थे, तो लूट का सोना कहां गया?
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अखिलेश ने ट्वीट करते हुए लिखा, सवाल ये है कि लुटेरों से लूट का माल किसने लूट लिया? जब सब पकड़े गए, तो सोना किसके खजाने में जमा हो गया? कहीं ऐसा तो नहीं कि जो लुटेरे बनकर गए, वो किसी के प्रतिनिधि थे. सवाल गंभीर है.' अखिलेश यादव के इस बयान ने एनकाउंटर पर सवाल खड़े कर दिए, जिससे राजनीतिक गलियारे में हलचल है.
मजिस्ट्रेट जांच के दिए गए आदेश
मंगेश यादव के एनकाउंटर के बाद सुल्तानपुर के जिलाधिकारी ने मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए हैं. यह जांच एसडीएम लंभुआ विदुषी सिंह द्वारा की जाएगी. पुलिस और प्रशासन ने इस एनकाउंटर को न्यायसंगत और कानून सम्मत बताया है, लेकिन विपक्षी दलों द्वारा इस पर सवाल उठाए गए हैं.
योगी सरकार का पलटवार
अखिलेश यादव द्वारा उठाए गए सवालों पर योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने तीखा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि विरासत में गद्दी मिल सकती है, लेकिन बुद्धि नहीं मिल सकती. अखिलेश यादव अक्सर बचकानी हरकतें करते रहते हैं.
नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में अपराधियों को खुली छूट मिली हुई थी. आज जब योगी सरकार कानून व्यवस्था को बेहतर करने के लिए काम कर रही है तो सपा प्रमुख इसे जातिगत राजनीति में घसीटने की कोशिश कर रहे हैं.
जाति और अपराध पर सियासी खींचतान शुरू
सपा और बीजेपी के बीच चल रही सियासी खींचतान के बीच जाति की राजनीति भी अहम मुद्दा बन गई है. बीजेपी के अन्य नेताओं ने भी अखिलेश यादव के बयान का पलटवार किया है. मंत्री ओपी राजभर ने कहा कि सपा सुप्रीमो राजनीति कर रहे हैं. अपने बिखरते वोटों को संभालने के लिए अब एनकाउंटर पर जाति देख रहे हैं. पुलिस आधार कार्ड देखकर कार्यवाही करेगी क्या?
वहीं मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि मंगेश सुल्तानपुर में सराफा लूटकांड का मुख्य आरोपी था. ऐसे अपराधी को समाजवादी पार्टी बचाना चाहती है. उस पर सपा राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं. उसको जाति का रंग देने की कोशिश कर रहे हैं. जब एक लाख का इनामी मारा जाता है, वो किसी भी जाति का हो, किसी भी मजहब का हो, अपराधी की सिर्फ एक जाति होती है अपराधी. अपराधी की जाति नहीं देखनी चाहिए, उसके अपराध को देखना चाहिए.
भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा कि अपराधियों पर कठोर कार्रवाई पर फिर उन्हें पीड़ा होगी. अपराधी अंजाम भुगतेंगे और लूट का माल भी वापस होगा और समाजवादी पार्टी पुलिस की चप्पल ही देखती रहेगी.
इस मामले को लेकर कांग्रेस ने क्या कहा?
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने इस पूरे मामले पर अलग रुख अपनाते हुए कहा कि क्या यादव होना अब गुनाह हो गया है? अगर किसी ने अपराध किया है तो उसे कानून सजा देगा, लेकिन बार-बार जाति को निशाना बनाना गलत है. मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद की हत्याओं में भी सवाल उठे थे और अब मंगेश यादव के मामले में भी उठ रहे हैं. लोग इसे हत्या कह रहे हैं, और सवाल तो उठेंगे ही.