
प्रयागराज महाकुंभ में संगम किनारे बीते बुधवार को मची भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की जान चली गई और 60 लोग घायल हो गए. दावा किया जा रहा है कि इस घटना के कुछ ही घंटों बाद एक और भगदड़ झूंसी में हुई थी, जो संगम नोज वाली जगह से महज दो किलोमीटर दूर है. हालांकि, जब इस बारे में DIG (महाकुंभ मेला) वैभव कृष्ण से बात की गई तो उन्होंने जानकारी होने से इनकार कर दिया.
फिलहाल, महाकुंभ में मची दूसरी भगदड़ का दावा सोशल मीडिया पर खूब वायरल है. इससे संबंधित वीडियो/फोटो भी जमकर शेयर किए जा रहे हैं. चश्मदीदों की मानें तो भगदड़ की दूसरी घटना बुधवार सुबह 5-6 बजे के करीब संगम नोज के दूसरे छोर पर झूंसी में भारी भीड़ उमड़ने की वजह से हुई.
हमारे सहयोगी चैनल 'द लल्लनटॉप' के रिपोर्टर जब झूंसी में भगदड़ वाली जगह पर पहुंचे तो कपड़ों, जूतों और बोतलों के ढेर को ट्रैक्टरों-जेसीबी द्वारा से हटाया जा रहा था. वहां मौजूद कई चश्मदीदों ने बताया कि यहां भी कई लोग भगदड़ की चपेट में आए हैं.
महाकुंभ में मची दूसरी भगदड़ के दावे पर क्या बोले DIG?
उधर, प्रयागराज के झूंसी में मची दूसरी भगदड़ के दावे को लेकर महाकुंभ मेला क्षेत्र के DIG वैभव कृष्ण ने साफ कहा कि पुलिस के पास इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है. जो वीडियो दिखाई जा रही है, उसकी जांच करवाई जाएगी.
DIG ने आगे कहा कि किसी ने भी इस मामले को लेकर पुलिस से संपर्क नहीं किया. महाकुंभ में 7 से 8 करोड़ लोग आए हैं. किसी के साथ अगर कुछ भी घटना होती है और पुलिस के पास उसकी सूचना होती है या पुलिस को सूचना दी जाती है तो पुलिस मौके पर पहुंचकर उसकी मदद करती है. महाकुंभ में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर बहुत से लोगों की जान बचाई है और लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाया है.
वहीं, झूंसी को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, उसपर DIG ने कहा कि इस मामले की भी जांच करवाई जाएगी और जो एक्शन होंगे, वह लिए जाएंगे.
दरअसल, महाकुंभ में बुधवार तड़के 2 बजे भगदड़ मची थी. 16 घंटे बाद प्रशासन ने बताया था कि इसमें 30 लोगों की मौत हुई तो 60 घायल हुए हैं. विपक्ष का कहना है कि सरकार मृतकों के आंकड़ों को छिपा रही है. इसी बीच खबर आई है कि महाकुंभ में बुधवार के दिन एक और भगदड़ मची थी, जो संगम के दूसरे छोर पर झूंसी में हुई थी.