Advertisement

उमेश पाल हत्याकांड... Allahabad University का मुस्लिम हॉस्टल सील, यहीं तैयार हुआ था मर्डर का 'ब्लूप्रिंट'

उमेश पाल हत्याकांड के आरोपियों पर पुलिस सख्ती से कार्रवाई करने में जुटी हुई है. सोमवार को पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों की मौजूदगी में Allahabad University के मुस्लिम हॉस्टल को सीज कर दिया गया है. पुलिस का दावा है कि उमेश पाल के हत्या की साजिश इसी हॉस्टल के कमरा नंबर-36 में रची गई थी.

इलाहाबाद यूनिवर्सिटी का मुस्लिम हॉस्टल सीज. इलाहाबाद यूनिवर्सिटी का मुस्लिम हॉस्टल सीज.
पंकज श्रीवास्तव
  • प्रयागराज ,
  • 06 मार्च 2023,
  • अपडेटेड 6:39 PM IST

यूपी के प्रयागराज में उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनर की हत्या के 10 दिन बीत चुके हैं. आरोपियों के खिलाफ यूपी पुलिस बड़े स्तर पर ऑपरेशन चला रही है. अभी तक पुलिस से हुई मुठभेड़ में एक शूटर और एक मददगार मारा गया है. साथ ही अतीक एंड गैंग की संपत्ति पर बुलडोजर भी गरज रहा है. पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई के इसी क्रम में Allahabad University के मुस्लिम हॉस्टल को सीज कर दिया गया है. भारी संख्या में पुलिस फोर्स और अधिकारियों की मौजूदगी में इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया है.

Advertisement

हॉस्टल के कमरा नंबर-36 में रची गई थी साजिश

गौरतलब है कि हत्याकांड के आरोपियों में से एक सदाकत खान इसी हॉस्टल में रहता था. पुलिस का दावा है कि उमेश पाल की हत्या करने के लिए हॉस्टल के कमरा नंबर-36 में मीटिंग की गई थी. बीते दिनों प्रयागराज पुलिस कमिश्नर रमित शर्मा ने बताया था, "हत्याकांड की साजिश मुस्लिम हॉस्टल के कमरे में रची गई थी. वारदात में शामिल साजिशकर्ता सदाकत खान पुत्र शस्मशाद खान को यूपी एसटीएफ ने अरेस्ट किया है. वो गाजीपुर का रहने वाला है और एलएलबी का छात्र बताया जा रहा है, जो कि मुस्लिम हॉस्टल में रह रहा था."

लोगों में दहशत फैलाने के लिए की गई थी बमबाजी

उमेश पाल को बड़ी सोच-समझकर मारा गया. बम इसलिए फेंका गया था, ताकि लोग डरकर मौके से भाग जाएं. शूटर ने सीसीटीवी कैमरे के दायरे में आने से बचने की भी कोशिश की थी. गौरतलब है कि 24 फरवरी को उमेश पाल प्रयागराज कोर्ट में गवाही देकर घर लौट रहे थे. साथ में दो गनर थे, लेकिन उमेश पाल इस बात से बेपरवाह थे कि एक गाड़ी उसका पीछा कर रही है.

Advertisement

जैसे ही उमेश पाल की कार गली में पहुंचती है और वो कार से नीचे उतरता है. चारों तरफ से गोलियों की बौछार कर दी जाती है. उमेश जान बचाने के लिए गली में दौड़े, तब तक उनके गनर भी हमलावरों को जवाब देने के लिए पलटकर गोली चलाने की कोशिश करते हैं, लेकिन ये जवाब नाकाफी साबित हुआ.

उमेश पाल पर फायरिंग करते दिखा था असद

हत्याकांड का मुख्य आरोपी माफिया डॉन अतीक अहमद है, जिसका तीसरे नंबर का बेटा असद ही उमेश पाल पर फायरिंग करते हुए दिखाई दिया था. शुरुआत में पुलिस असद का नाम नहीं ले रही थी, लेकिन बीते दिनों प्रयागराज पुलिस ने खुलकर कहा कि असद ने ही वारदात को अंजाम दिया. उस पर ढाई लाख रुपये का इनाम भी रखा गया है.

नेपाल में छिपा है हत्याकांड का आरोपी असद

यूपी पुलिस और एसटीएफ की कई टीमें जिस असद को खोज रही हैं, वो कहां है? इस सवाल का जवाब उमेश और दोनों सरकारी गनर के परिजनों के साथ ही यूपी की आम-अवाम भी जानना चाह रही है. पुलिस को जानकारी मिली है कि असद ने बहराइच के रास्ते नेपाल में शरण ले ली है.

प्रयागराज से फरार होने के बाद शूटर पहले से ही तय किए अपने अड्डे में जाकर बैठ गए और किसी के भी संपर्क में नहीं हैं. पुलिस को शक है कि घटना को अंजाम देने के साथ-साथ एस्केप प्लान भी फुलप्रूफ बनाया था. पहले से ही तय था कि कौन, किस गाड़ी से कब और कहां जाएगा, कहां छिपेगा, कब तक छिपा रहेगा.

Advertisement

अब तक की जांच के बाद आशंका है कि शूटर की एक टीम राजधानी लखनऊ से बहराइच के रास्ते नेपाल में जा घुसी है. घटना के बाद आरोपियों के फरार होने में 2 फॉर्च्यूनर, एक क्रेटा और एक जेस्ट कार का इस्तेमाल हुआ था. इन 4 गाड़ियों से बदमाश अलग-अलग दिशाओं में फरार हुए हैं.

सभी गाड़ियों पर अलग-अलग फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थीं. एक फॉर्च्यूनर पर तो लोडिंग गाड़ी की नंबर प्लेट को लगाकर शूटर फरार हुए हैं. हालांकि, पुलिस को खबर है कि बाकी शूटर मोहम्मद गुलाम, साबिर और गुड्डू मुस्लिम अभी यूपी में ही छिपे हो सकते हैं.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement