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'50 हजार रुपए की मदद और नौकरी का वादा', कानपुर में नाबालिग हिंदू पर बनाया ईसाई बनने का दबाव

कानपुर में धर्मांतरण सिंडीकेट सिर्फ गरीब बस्तियों को ही टारगेट कर रहा है. आर्थिक रूप से कमजोरों को सबसे पहले तो 30 से 50 हजार रुपए कैश, इसके बाद उनके घर में बीमार व्यक्ति का इलाज, फिर रहने की व्यवस्था और इसके बाद बच्चों को मिशनरी स्कूल में मुफ्त शिक्षा का झांसा दिया जाता है.

कानपुर में सामने आया धर्म परिवर्तन का मामला. कानपुर में सामने आया धर्म परिवर्तन का मामला.
सिमर चावला
  • कानपुर,
  • 10 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 11:14 PM IST

उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण संबंधित कानून लागू होने के बावजूद लगातार धर्मांतरण के मामले सामने आ रहे हैं. कानपुर में धर्मांतरण का एक और मामला सामने आया है, जिसमे आरोप लगाया गया है कि नाबालिग हिन्दू लड़के को पैसे का लालच देकर उसको ईसाई धर्म अपनाने का दबाव बनाया गया.

बताया गया कि कानपुर के बेनाझाबर स्थित इमानुअल पेंटिकॉस्टेल चर्च में धर्मांतरण कराने की सूचना मिलने पर बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस बल ने छापा मारा. बजरंग दल का आरोप था कि यहां पर पैसे का लालच देकर हिन्दू धर्म के लोगों को बुलाया जाता है, इसके उन्हें ईसाई धर्म अपनाने के लिए दबाव बनाया जाता है. एक नाबालिग लड़के ने भी आरोप लगाया कि उसको 50 हज़ार रुपए का लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा था. नाबालिग लड़के ने यह भी कहा कि उसको नौकरी का लालच भी दिया जा रहा था.

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चर्च में पुलिस के छापे के दौरान चर्च के केअर टेकर से कहासुनी भी हुई, जिसके बाद चर्च के लोगों को पुलिस पूछताछ के लिए थाने ले आई. नाबालिग लड़के ने पुलिस को मुकदमा दर्ज करने के लिए लिखित शिकायत भी दी है. हालांकि, चर्च के जुड़े लोगों ने धर्मांतरण के आरोपों से इनकार किया है. अब इस पूरे मामले में पुलिस ने जांच बैठा दी है. एसीपी संजय सिंह  का कहना है कि हर पहलू पर जांच की जाएगी और जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. 

बीते कई महीनों में आज चुके हैं 6 बड़े मामले

1. घाटमपुर में 15 चर्च बनाए, सैकड़ों का कराया धर्मांतरण

कानपुर पुलिस ने घाटमपुर में एफआईआर दर्ज करके दो लोगों को गिरफ्तार किया था. एक ही इलाके में 15 चर्च का निर्माण हो गया था. साथ ही साथ एक ही गांव हजारों लोगों को कुछ ही समय में ईसाई धर्म में परिवर्तित कर दिया गया था.

कोरियन व्यक्ति श्याम नगर में करा रहे थे धर्मांतरण

दूसरा मामला मार्च 2023 का है, जहां पर पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था. इन पर आरोप था कि यह विदेशी फंडिंग के माध्यम से सिंडिकेट चला रहे थे और श्याम नगर इलाके में लोगों को ईसाई धर्म में आने के लिए स्लोगन दे रहे थे, इसमें मास्टरमाइंड कोरिया का रहने वाला था जो पूरा सिंडिकेट चला रहा था.

किडनी बदलवाने के नाम पर धर्मांतरण की कोशिश

तीसरा मामला रावतपुर का है जहां पर पंजाब से आए कई लोग एक व्यक्ति की किडनी का ट्रीटमेंट करने के बाद उसे अपने साथ चर्च ले गए और साथ ही साथ इस बस्ती के और कई सौ लोगों को साथ में जोड़ लिया. इसके बाद रावतपुर पुलिस से शिकायत की गई, लेकिन आरोपी मौके से भाग था.

कर्नलगंज के स्कूल में चल रही थी धर्मांतरण की क्लास

चौथा मामला करनैलगंज के एक स्कूल का है, जहां पर ईसाई धर्म के लोग बड़ी मात्रा में लोगों को इकट्ठा कर रात को मीटिंग कर रहे थे. प्रलोभन दे रहे थे कि नौकरी लगवा दी जाएगी और शादी करा दी जाएगी. आर्थिक मदद व अन्य मदद का भी लालच दिया जा रहा था और धर्मांतरण के लिए मोटिवेट किया जा रहा था. जानकारी मिलने के बाद बजरंग दल कार्यकर्ता थाने पहुंचे और जमकर हंगामा किया था, जिसके बाद आरोपियों को अरेस्ट कर लिया गया था.

मन्नी पुरवा के सैकड़ों परिवार रातों-रात बन गए क्रिश्चियन

पांचवा मामला कोण थाना क्षेत्र के मुनि पूर्व का है, जहां पर कुछ ही समय में 200 हिंदुओं को ईसाई धर्म में परिवर्तन कर दिया गया. नवाबगंज की एक बस्ती में उन लोगों को टारगेट किया गया जो की आर्थिक रूप से कमजोर हैं और उनको पैसों का लालच देकर धर्म परिवर्तन किया.

छठ मामला विष्णु पुरी का है, जहां पर सरकारी कॉलोनी को चर्च बना दिया था. शिकायतों के बाद बजरंग दल मौके पर पहुंचा और पुलिस ने आरोपी की शिकायत के मुताबिक मुकदमा दर्ज कर दो लोगों को जेल भेज दिया था. यहां पर भी आरोप था कि लोगों को पैसों का लालच देकर पढ़ाई के लिए किताबें देखकर नौकरी की बात बात कर उनको ब्रेनवाश किया जा रहा था.

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धर्मांतरण के लिए टारगेट पर गरीब बस्तियां

कानपुर में अलग-अलग 6 मामलों में देखने को सामने आया कि धर्मांतरण सिंडीकेट सिर्फ गरीब बस्तियों को ही टारगेट कर रहा है. आर्थिक रूप से कमजोरों को सबसे पहले तो 30 से 50 हजार रुपए कैश, इसके बाद उनके घर में बीमार व्यक्ति का इलाज, फिर रहने की व्यवस्था और इसके बाद बच्चों को मिशनरी स्कूल में मुफ्त शिक्षा का झांसा दिया जाता है.

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