
उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में ऊंचडीह न्याय पंचायत के आधा दर्जन गांवों में चौंकाने वाला मामला सामने आया है. प्रधान और सेक्रेटरी की लापरवाही या साजिश के चलते दो दर्जन से अधिक वृद्धा पेंशन धारकों को कागजों में मृत घोषित कर उनकी पेंशन बंद कर दी गई है. पेंशन धारकों का आरोप है कि प्रधानी के चुनाव में उन्हें वोट नहीं दिया, इसलिए हमें मृत घोषित कर दिया गया है.
दरअसल, न्याय पंचायत ऊंचडीह के देवरी खुर्द सहित आधा दर्जन ग्राम पंचायतों में करीब दो दर्जन से ज्यादा वृद्धा पेंशन धारकों को जिंदा होते हुए भी कागजों में मृत घोषित करके उन्हें पेंशन से वंचित कर दिया गया. इन बुजुर्ग पेंशन धारकों को इस बात का पता तब चला, जब कई महीनों से उनके खाते में पेंशन की राशि नहीं पहुंची.
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प्रधान और सेक्रेटरी पर मिलकर गड़बड़ी करने का आरोप
इसके बारे में जब पेंशन धारकों ने पता किया तो मालूम हुआ कि उन्हें मरे हुए कई महीने हो चुके हैं. हैरान-परेशान सभी लोग डीएम के यहां पहुंचे और खुद के जिंदा होने की बात बताई. डीएम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है. वृद्धा पेंशन धारक के मुताबिक अभी पिछले साल तक ही इनका पेंशन आ रहा था, लेकिन एक साल से इन्हें किसी भी प्रकार की पेंशन नहीं मिली है. आरोप है कि प्रधान और सेक्रेटरी ने मिलकर गड़बड़ी की है.
वोट न देने की सजा!
वहीं एक अन्य पेंशन धारक ने प्रधान पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि हम लोगों ने प्रधानी के चुनाव में उन्हें वोट नहीं दिया है. इसलिए सेकेट्री के साथ मिलकर हमें मृत घोषित कर दिया गया है. वहीं, डीएम बी. एन. सिंह कहा, जब उनको इस मामले की जानकारी हुई तो उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी को जांच के लिए आदेश दिए हैं. जांच के बाद जो भी रिपोर्ट सामने आएगी उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी.