
देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में बनकर तैयार नवनिर्मित राम मंदिर में राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में बतौर यजमान की भूमिका में शामिल होंगे. पीएम मोदी राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा में दोपहर में लगभग साढ़े 12 बजे शामिल होंगे. इस बीच अब जानकारी सामने आई है कि राम मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा के लिए तीन मूर्तियां तैयार की जा रही हैं. इन तीनों में से ही एक मूर्ति मंदिर में स्थापित की जाएगी.
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अधिकारियों ने बताया कि ट्रस्ट की एक समिति अगले सप्ताह यह तय करेगी कि राम लला की तीन मूर्तियों में से कौन सी मूर्ति गर्भगृह में स्थापित की जाएगी. श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की धार्मिक समिति 15 दिसंबर को मूर्ति को अंतिम रूप देगी.
ये है मूर्तियों की खासियत
ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि कर्नाटक और राजस्थान से लाई गई दो चट्टानों में से तीन मूर्तियां बनाई जा रही हैं. मूर्तियां 90 प्रतिशत तैयार हैं और उन्हें अंतिम रूप दिया जा रहा है. इन तीनों मूर्तियों में से सर्वश्रेष्ठ मूर्ति का चयन 15 दिसंबर को किया जाएगा और उस मूर्ति को मंदिर के गर्भगृह में प्रतिष्ठित किया जाएगा. मूर्तियां गणेश भट्ट, अरुण योगीराज और सत्यनारायण पांडे तैयार कर रहे हैं.
प्राण प्रतिष्ठा जनवरी में ही क्यों?
यह जानना काफी दिलचस्प है कि आखिर पीएम मोदी के शामिल होने और राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के लिए यही वक्त क्यों चुना गया है? इसके बारे में पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित और उनके बेटे पंडित सुनील दीक्षित ने बताया कि राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के लिए मृगशिरा नक्षत्र का दिन चुना गया है. आपको बता दें कि पंडित लक्ष्मीकांत दीक्षित अयोध्या में राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा से जुड़े काम में शामिल हैं.
PM मोदी के हाथों होगी प्राण प्रतिष्ठा
22 जनवरी राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा के लिए शुभ मुहूर्त के रूप में मृगशिरा नक्षत्र को लिया गया है. इस दिन संभवत: मध्याह्न में लगभग साढ़े 12 बजे मेष लग्न या वृष लग्न मिल सकता है. इन्हीं एक लग्न में राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी. देश के पहले प्रतिनिधि होने की वजह से राम मंदिर के लोकार्पण और राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा काम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होगा.