
यूपी के बाहुबली नेताओं में शुमार कुंडा विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया इन दिनों प्रयागराज महाकुंभ में जमे हुए हैं. वह करीब दो हफ्ते से महाकुंभ स्थित अपने शिविर में ठहरे हुए हैं. राजा भैया यहां साधु-संतों से मिल रहे हैं और पूजा-पाठ व गंगा स्नान कर रहे हैं.
इस दौरान 'आजतक' से बातचीत में उन्होंने कई मुद्दों पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. राजा भैया ने दो टूक कहा कि हिंदुत्व के विचारों से अब कोई समझौता नहीं होगा और उनकी पार्टी आगे सिर्फ अपने विचारों के आधार पर ही किसी से गठबंधन करेगी.
वहीं, महाकुंभ भगदड़ पर राजा भैया ने कहा कि मौनी अमावस्या के दिन हुए हादसे और उसमें हुई मौतें दुखद हैं. लेकिन अगर उसे एक अपवाद माना जाए तो यह महाकुंभ अभूतपूर्व रूप से सफल रहा है. जिस तरीके का आयोजन हुआ है, वैसा आयोजन करना असंभव है. जबकि, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद द्वारा प्रदेश सरकार को इस मुद्दे पर घेरे जाने पर राजा भैया ने कहा कि उन्हें ऐसे बयानों से बचना चाहिए था.
समाजवादी पार्टी को लेकर राजा भैया ने कहा कि मैं कभी सपा में नहीं रहा, ना ही समाजवादी विचारों से मेरा कोई लेना देना है. हालांकि, मुलायम सिंह यादव का हमेशा से सम्मान किया है. उन्होंने साफ किया कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में वो अपने इन्हीं (हिंदुत्व वादी) विचारों के साथ उतरेंगे. हालांकि, राजा भैया की पार्टी जनसत्ता दल किससे गठबंधन करेगी, इस पर उन्होंने पत्ते नहीं खोले. मगर इतना जरूर साफ कर दिया है कि हिंदुत्व के वचारों को लेकर वे कोई समझौता नहीं करेंगे.
इसके अलावा राजा भैया ने ये भी साफ किया कि वह भले ही सियासी व्यक्ति हैं लेकिन धर्मनिष्ठ भी हैं. उन्होंने कहा- हम सबसे पहले एक धर्मनिष्ठ हिंदू हैं और शुरू से रहे हैं. रही बात शिविर की तो यह लक्ष्मी नारायण ट्रस्ट का है, जो पारिवारिक और पुराना ट्रस्ट है, प्रति कुंभ ये शिविर लगता है. जो भी लोग आना चाहें, रहना चाहें रह सकते हैं. इसमें भोजन, पानी, स्नान सब निशुल्क है.