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हाथरस भगदड़ पीड़ितों के 121 परिवारों को सरकारी नौकरी दी जाए, केंद्रीय मंत्री अठावले की मांग

हाथरस में हुए हादसे को लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का बयान आया है. उन्होंने कहा कि स्वयंभू संत सूरजपाल उर्फ ​​भोले बाबा को भगदड़ के पीड़ितों के परिवारों को आर्थिक मदद देनी चाहिए. अठावले ने यह भी कहा कि पीड़ितों के प्रत्येक परिवार के एक व्यक्ति को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नौकरी दी जानी चाहिए. 

हाथरस हादसा: पीड़ित के परिजन हाथरस हादसा: पीड़ित के परिजन
aajtak.in
  • हाथरस ,
  • 10 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 9:33 AM IST

यूपी के हाथरस में हुए हादसे को लेकर केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले का बयान आया है. उन्होंने कहा कि स्वयंभू संत सूरजपाल उर्फ ​​भोले बाबा को भगदड़ के पीड़ितों के परिवारों को आर्थिक मदद देनी चाहिए. अठावले ने यह भी कहा कि पीड़ितों के प्रत्येक परिवार के एक व्यक्ति को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नौकरी दी जानी चाहिए. 
 
बता दें कि हाथरस में 3 जुलाई को प्रवचनकर्ता भोले बाबा के सत्संग में मची भगदड़ में कुल 121 लोगों की मौत हो गई. इनमें ज्यादातर महिलाएं थीं. हादसे में 31 घायल भी हो गए . उत्तर प्रदेश सरकार ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है. 

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बीते मंगलवार को हाथरस का दौरा करने के बाद केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अठावले ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने मृतकों को श्रद्धांजलि दी और घायलों से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली. 

रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (अठावले) के अध्यक्ष ने बताया- हाथरस में मैंने मृतक के परिजनों से मुलाकात की, श्रद्धांजलि दी और उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया. हमारी पार्टी की मांग है कि पीड़ित परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी मिले. 

अठावले ने कहा, "हाथरस हादसे के पीड़ित परिवारों को आयोजक बाबा द्वारा आर्थिक मदद दी जानी चाहिए. हम राज्य सरकार से मांग करते हैं कि वह हाथरस कांड के 121 पीड़ितों के प्रत्येक परिवार से एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दे. 

मालूम हो कि हाथरस कांड में अब तक कार्यक्रम के मुख्य आयोजक और धन जुटाने वाले देवप्रकाश मधुकर समेत नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. एसआईटी की जांच रिपोर्ट भी आ चुकी है, जिसमें आयोजकों और स्थानीय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप है. मामले में एसडीएम, तहसीलदार, सीओ समेत आधार दर्जन अधिकारी सस्पेंड हो चुके हैं.

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