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सनातन धर्म पर विवादित बयान देने वाले तमिलनाडु CM के बेटे पर रामपुर में FIR

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे उदयनिधि स्टालिन सनातन धर्म पर विवादित बयान देकर फंस गए हैं. उदयनिधि के खिलाफ उत्तर प्रदेश के रामपुर में एफआईआर दर्ज कराई गई है. बता दें कि उदयनिधि ने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया और कोरोना से की थी. उनके इस बयान के बाद बवाल मचा हुआ है.

प्रियंक खड़गे और उदयनिधि स्टालिन. (फाइल फोटो) प्रियंक खड़गे और उदयनिधि स्टालिन. (फाइल फोटो)
आमिर खान
  • रामपुर,
  • 06 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 8:48 AM IST

सनातन धर्म को लेकर विवादित टिप्पणी करने पर तमिलनाडु मुख्यमंत्री के बेटे मंत्री उदयनिधि स्टालिन और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बेटे प्रियंक खड़गे के खिलाफ रामपुर में एफआईआर दर्ज की गई है. वरिष्ठ अधिवक्ता हर्ष गुप्ता और राम सिंह लोधी ने रामपुर की कोतवाली सिविल लाइंस में धार्मिक भावनाएं आहत होने की शिकायत की है.

इस मामले को लेकर अधिवक्ता हर्ष गुप्ता ने कहा कि 4 सितंबर 2023 को अखबार में विस्तार से खबर छपी कि तमिलनाडु के मंत्री उदयनिधि स्टालिन जो तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन के पुत्र हैं, उन्होंने सनातन धर्म के बारे में अभद्र टिप्पणी की. उन्होंने सनातन धर्म की तुलना कोरोना, डेंगू और मलेरिया से कर दी थी. अगले दिन कर्नाटक सरकार में मंत्री और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र प्रियंक खड़गे ने भी उदयनिधि के भाषण का समर्थन किया.

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अधिवक्ता बोले- टिप्पणी से हमारी भावनाएं आहत हुईं

अधिवक्ता हर्ष गुप्ता ने कहा कि उदयनिधि और प्रियंक खड़गे के भाषण से हमारी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. हमारा सनातन धर्म अनंत धर्म है, निरंतर धर्म है. जिस पर किसी भी व्यक्ति विशेष को या किसी भी धर्म के व्यक्ति को कोई अभद्र टिप्पणी करने की आवश्यकता नहीं है. टिप्पणियों से हमारी भावनाओं को ठेस पहुंची है. बार एसोसिएशन रामपुर के पूर्व अध्यक्ष राम सिंह लोधी ने इस मामले की शिकायत पुलिस अधीक्षक से की. इसके बाद सिविल लाइंस थाने में केस दर्ज किया गया है.

'विवादित टिप्पणी को लेकर हो कानूनी कार्रवाई'

अधिवक्ता ने कहा कि वे कानूनी कार्रवाई चाहते हैं. उन्होंने जानबूझकर हमारी भावनाओं को आहत पहुंचाने के लिए भाषण दिया है, जिसके लिए किसी भी कानून का समर्थन प्राप्त नहीं है. अधिवक्ता ने कहा कि वह जितने बड़े पद पर आसीन हैं, उनको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह केवल अपने ही वर्ग विशेष के मंत्री या पद पर आसीन नहीं हैं, वह पूरी स्टेट को रिप्रेजेंट करते हैं और स्टेट में सभी प्रकार के सभी धर्म के व्यक्ति निवास करते हैं.

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