
सहारनपुर के दंपति द्वारा हरिद्वार की गंगा में कूदकर खुदकुशी करने के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. घरवालों का रो-रो कर बुरा हाल है. सौरभ बब्बर की लाश तो 11 अगस्त को ही मिल गई थी, लेकिन अभी तक पत्नी मोना का कुछ पता नहीं चला है. मोना की तलाश में पुलिस और गोताखोरों की टीम लगी हुई है. इस बीच 'आजतक' ने मृतक व्यापारी सौरभ के पिता दर्शनलाल बब्बर से बात की. इसपर उन्होंने कहा कि हमें यकीन नहीं था कि सौरभ कभी ऐसा करेगा. हम लोगों को जिंदगी भर का गम दे गया.
बकौल दर्शनलाल- सौरभ शुक्रवार की रात (9 अगस्त) पत्नी मोना और दो बच्चों को लेकर ससुराल गया था. फिर वहां बच्चों को छोड़कर और पत्नी को लेकर हरिद्वार निकल गया. लोगों से पता चला कि हरिद्वार में गंगा में कूदकर उन्होंने जान दे दी. अब हमें तो उम्र भर का दुख दे गया. छोटे-छोटे बच्चे हैं, उनको छोड़ गया.
बेटे सौरभ से आखिरी मुलाकात के सवाल पर दर्शनलाल कहते हैं कि घटना के दो दिन पहले उससे मिला था. बहू को लेकर घर आता रहता था. लेकिन कभी ऐसा नहीं लगा कि इतना बड़ा कदम उठा लेगा. कर्ज या लेनदेन का पता होता तो उससे बात करते, समझाते. ये कदम नहीं उठाने देते. लेकिन उसने कभी जिक्र ही नहीं किया.
सौरभ के पिता ने और क्या कहा?
दर्शनलाल के मुताबिक, शादी के बाद से वो (सौरभ) अलग रहता था. किशुनपूरा में ज्वैलरी शॉप थी. करीब 12 साल से. उसके लेनदेन के बारे में ज्यादा कुछ पता नहीं है. न वो बताता था. हां, घर अक्सर आता था.
सौरभ बब्बर के पिता दर्शनलाल ने कहा कि हमें इस बारे में नहीं पता कि किसका पैसा उसके पास फंसा था या उसका पैसा कौन लेकर भाग गया. लेनदार क्या-क्या नहीं बोल रहे, लेकिन हम तो संकट में फंसे हुए हैं. दुख में हैं, क्या बोलें.
वहीं, कार्रवाई के सवाल पर दर्शनलाल कहते हैं कि हम तो कुछ जानते नहीं, किसका पैसा बाकी था या कौन लेकर भागा. अब तो ऊपर वाला जाने या पुलिस/प्रशासन. हम कैसे किसी का नाम ले लें.
कर्ज से परेशान था सौरभ
बता दें कि कर्ज के बोझ तले दबे सहारनपुर के किशुनपपुरा निवासी ज्वैलर सौरभ बब्बर ने पत्नी मोना संग हरिद्वार की गंगा नदी में कूदकर सुसाइड कर लिया. सोमवार (11 अगस्त) को सौरभ का शव बरामद हुआ. हालांकि, पत्नी मोना का शव अभी तक नहीं मिला है. दंपति के दो बच्चे हैं. बेटी 11 साल की और बेटा 7 साल का.
सुसाइड नोट में अपना दर्द बयां करते हुए सौरभ ने लिखा कि ब्याज दे-देकर परेशान हो चुके हैं, अब और ब्याज नहीं दिया जा रहा, इसलिए आत्महत्या कर रहे हैं. जहां से भी आत्महत्या करेंगे, वहां से सेल्फी भेज देंगे. नदी में कूदने से पहले सौरभ ने आखिरी कॉल परिजनों को ही किया था, जिसकी रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. इसमें सौरभ कह रहा है कि यह वीडियो सबको दिखा देना, हम हरिद्वार में हैं और अपना जीवन समाप्त कर रहे हैं, यहां से छलांग लगाने जा रहे हैं.