Advertisement

संभल मस्जिद की सर्वे रिपोर्ट तैयार नहीं! अब 8 जनवरी को सुनवाई करेगा कोर्ट

संभल की शाही जामा मस्जिद के विवादित परिसर के सर्वेक्षण की रिपोर्ट कोर्ट में पेश नहीं की जा सकी है. कोर्ट कमिश्नर रमेश सिंह ने आजतक को बताया कि हिंसा के कारण रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाई. जिला सिविल कोर्ट के आदेशानुसार मस्जिद का सर्वे 19 और 24 नवंबर को किया गया था, जिसके बाद शहर में तनाव बढ़ गया था.

संभल जामा मस्जिद संभल जामा मस्जिद
संजय शर्मा/अनूप कुमार/हिमांशु मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 29 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 12:47 PM IST

उत्तर प्रदेश के संभल में शाही जामा मस्जिद के सर्वे की रिपोर्ट आज कोर्ट में पेश नहीं की गई. आजतक से बातचीत में कोर्ट कमिश्नर रमेश सिंह ने बताया कि हिंसा की वजह से सर्वे रिपोर्ट तैयार नहीं हो पाई. आज ही रिपोर्ट पेश करने को कहा गया था लेकिन कोर्ट कमिश्नर ने रिपोर्ट तैयार करने के लिए समय की मांग की. अब माना जा रहा है कि अगले साल 8 जनवरी को रिपोर्ट पेश हो सकती है.

Advertisement

मसलन, विवादित जामा मस्जिद परिसर की सर्वेक्षण रिपोर्ट जिला कोर्ट में दाखिल करने कि समय सीमा टल गई है. स्थानीय कोर्ट के सर्वे के आदेश के खिलाफ जामा मस्जिद कमिटी ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दे रखी है, जो कि अभी लंबित है. जिला सिविल कोर्ट के आदेश पर जामा मस्जिद परिसर का सर्वे 19 और 24 नवंबर को किया गया था. इसके बाद शहर में दंगा भड़का था.

यह भी पढ़ें: संभल: 'कोशिश करें जामा मस्जिद न आएं', कमिश्नर ने की अपील, जुमे की नमाज को लेकर पुलिस मुस्तैद

शाही जामा मस्जिद पर क्या है विवाद?

संभल में मुगल शासक बाबर के युग में बनी जामा मस्जिद पर इस बात को लेकर विवाद है कि यहां पहले 'हरि हर मंदिर' था, जहां पर मस्जिद का निर्माण कराया गया था. इसको लेकर हिंदू पक्ष की तरफ से एक वकील ने कोर्ट सर्वे की मांग के साथ स्थानीय कोर्ट में याचिका दायर की थी. बाद में कोर्ट ने सर्वे का आदेश जारी किया, जिसको लेकर इलाके में तनाव पैदा हो गया, और मुस्लिम समाज ने इसका विरोध किया.

Advertisement

जब सर्वे के लिए पहुंची आर्कियोलॉजिकल टीम

मसलन, चंदौसी कोर्ट के आदेश के बाद आर्कियोलॉजिकल सर्वे की एक टीम सर्वे के लिए 24 दिसंबर को भी शाही मस्जिद का दौरा किया था. हालांकि, इस दौरान कहा जाता है कि मुस्लिम समाज ने विरोध किया, और फिर पुलिस और स्थानीय लोगों में झड़प हो गई. नतीजा ये हुआ कि इसमें मुस्लिम समुदाय के चार लड़के मारे गए, जिसके बाद इलाके में तनाव बना हुआ है.

यह भी पढ़ें: 2018 में सिलेक्शन, 2023 में प्रमोशन... जानिए कौन हैं जज आदित्य सिंह जिन्होंने संभल जामा मस्जिद के सर्वे का दिया आदेश

हिंसा की यूपी पुलिस कर रही जांच

उत्तर प्रदेश पुलिस हिंसा की जांच कर रही है और इस दौरान दर्जनों लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है. पुलिस का आरोप है कि हिंसा भड़काने में स्थानीय नेताओं का हाथ है, जिन्होंने कथित रूप से उकसावे वाली बयानबाजी की थी. हालांकि, इसको लेकर जांच चल रही है और अभी कुछ स्पष्ट खुलासा नहीं हुआ है. पुलिस टीम गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ कर रही है, और उनके मोबाइल फोन और कॉल्स की जांच चल रही है, ताकि हिंसा के पीछे कोई सुराग मिल सके.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement