Advertisement

यूपी: काकोरी कांड के शहीद की प्रपौत्री सरिता सिंह जेंडर बदलवाकर बनी लड़का, महिला मित्र से रचाई शादी

काकोरी कांड के अमर नायक ठाकुर रोशन सिंह (Thakur Roshan Singh) की प्रपौत्री सरिता सिंह ने अपना जेंडर चेंज करवा लिया है. वह अब सरिता से शरद सिंह बन गई हैं. जेंडर चेंज के बाद उन्होंने दूल्हा बनकर पीलीभीत की सविता के साथ शादी रचा ली है.

यूपी: जेंडर चेंज करवाकर सरिता से बने शरद, महिला मित्र से की शादी यूपी: जेंडर चेंज करवाकर सरिता से बने शरद, महिला मित्र से की शादी
विनय पांडेय
  • शाहजहांपुर ,
  • 24 नवंबर 2023,
  • अपडेटेड 9:28 AM IST

यूपी के शाहजहांपुर में काकोरी कांड के अमर नायक ठाकुर रोशन सिंह (Thakur Roshan Singh) की प्रपौत्री सरिता सिंह ने अपना जेंडर चेंज करवा लिया है. वह अब सरिता से शरद सिंह बन गई हैं. जेंडर चेंज के बाद उन्होंने दूल्हा बनकर पीलीभीत की सविता के साथ शादी रचा ली है. शरद और सविता की शादी बीते दिन (23 नवंबर) सम्पन्न हुई. 

Advertisement

इसको लेकर शरद सिंह का कहना है कि उनका सपना पूरा हो गया है. 18 साल तक सविता मेरा साया बनकर रही. अब उसी की बदौलत मेरे सिर पर सेहरा सजा है. वहीं, सविता कहती हैं कि आज मै इतनी ज्यादा खुश हूं कि मेरे पास बोलने के लिए कोई शब्द नहीं है. 

बता दें कि खुदागंज थाना क्षेत्र के गांव नवादा के रहने वाले शरद सिंह भावल खेड़ा ब्लॉक में सहायक टीचर पद पर कार्यरत हैं. उन्होंने 2020 में जेंडर बदलवाने के प्रयास शुरू किए थे. इसके लिए लखनऊ में हार्मोन थेरेपी कराई थी. इससे उनके चेहरे पर दाढ़ी आ गई थी.  उनकी आवाज भी भारी हो गई थी.  

शुरू से लड़का बनने की थी तमन्ना 

सरिता से शरद बने टीचर हमेशा से लड़के की वेशभूषा में रहते थे. जिसके चलते उनको काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. लोगों के ताने भी सुनने पड़े. लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी. करीब 3 महीने पहले उन्होंने मध्य प्रदेश के इंदौर में सर्जरी कराकर अपना जेंडर चेंज करवा लिया. इसके बाद जिला अधिकारी के यहां आवेदन किया और लिंग परिवर्तन का प्रमाण पत्र और पहचान पत्र हासिल कर लिया. 

Advertisement
सरिता से बनीं शरद सिंह

जेंडर चेंज करवाकर दूल्हा बने शरद और उनकी दुल्हनियां सविता शादी के दौरान बेहद खुश नजर आए. उनकी शादी की फोटोज भी सामने आई हैं. परिवार के लोगों ने डीजे पर डांस किया और दूल्हा-दुल्हन को आशीर्वाद दिया. 

मेरा सपना पूरा हो गया 

शरद सिंह कहते हैं कि अब जाकर मेरा सपना पूरा हुआ है. साढ़े तीन साल मुझे लगे सरिता से शरद बनने में. मैं और सविता करीब 18 साल से एक दूसरे को जानते हैं. उन्होंने हमेशा मेरा साथ दिया. जो पगड़ी सिर पर पहनी है ये सौभाग्य भी सविता की वजह से मिला है. 

ये भी पढ़ें- काकोरी कांड के शहीद की प्रपौत्री ने कराया लिंग परिवर्तन, चेहरे पर उगाईं दाढ़ी-मूंछें, सरिता से बनीं शरद सिंह

वहीं, बनारस से बीएमएस कर रही दुल्हनियां सविता का कहना है कि उनकी खुशी का ठिकाना नहीं है. हमारे रिश्ते को समाज में एक नाम मिल गया. इतनी ज्यादा खुशी है कि उसे व्यक्त करने के लिए मेरे पास शब्द ही नहीं है. 

बता दें कि शरद सिंह दोनों पैरों से दिव्यांग हैं. वो ज्यादातर समय व्हीलचेयर और बेड पर रहते हैं. फिलहाल, इस शादी में दूल्हा-दुल्हन दोनों के परिवार वाले बेहद खुश नजर आए. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement