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Varanasi: भतीजा विक्की निकला चाचा-चाची और उनके 3 बच्चों का कातिल! अकेले ही पांचों को मारा, गुप्ता परिवार हत्याकांड में खुलासा

वाराणसी पुलिस के मुताबिक, राजेंद्र गुप्ता, उसकी पत्नी नीतू और तीन बच्चों का कातिल कोई और नहीं बल्कि मृतक राजेंद्र का बड़ा भतीजा विशाल उर्फ विक्की है.

वाराणसी: मृतक चाचा (बाएं) और हत्यारोपी भतीजा विक्की (दाएं) वाराणसी: मृतक चाचा (बाएं) और हत्यारोपी भतीजा विक्की (दाएं)
रोशन जायसवाल
  • वाराणसी ,
  • 13 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 4:13 PM IST

वाराणसी के गुप्ता परिवार हत्याकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पुलिस के मुताबिक, राजेंद्र गुप्ता, उसकी पत्नी नीतू और तीन बच्चों का कातिल कोई और नहीं बल्कि मृतक राजेंद्र का बड़ा भतीजा विशाल उर्फ विक्की है. विक्की ने अकेले ही इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था. फिलहाल, वो पुलिस की पकड़ से दूर है.  

दरअसल, 5 नवंबर को वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र से कुछ ही दूरी पर भदैनी इलाके में राजेंद्र गुप्ता सहित परिवार के पांच सदस्यों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. जिसमें शक किसी और पर नहीं, बल्कि राजेंद्र के बड़े भतीजे विक्की पर है और पुलिस उसकी धरपकड़ के लिए लगी हुई है. 

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इस बीच पुलिस की तरफ से बताया गया कि हत्याकांड को अकेले विक्की ने ही अंजाम दिया है. घटना के 9 दिन बाद भी वह पुलिस की पकड़ से दूर है. MCA किया सॉफ्टवेर डेवलपर विक्की पुलिस को लगातार चकमा देने में सफल हो जा रहा है.  

DCP ने कही ये बात 

'आजतक' से खास बातचीत में इस पूरे केस की गहनता से जांच में जुटे वाराणसी के काशी जोन के DCP गौरव बंसवाल ने बताया कि हत्याकांड को अंजाम देने में एक ही व्यक्ति का पता चल रहा जो विक्की है. उन्होंने बताया कि रोहनिया में अपने चाचा राजेंद्र की हत्या करने के बाद विक्की दूसरे घटनास्थल (भदैनी स्थित मकान) पर तड़के पहुंचा और राजेंद्र के परिवार के बचे चार लोगों- पत्नी, दो बेटों और एक बेटी को भी मार डाला. 

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वारदात में किसी अन्य के भी शामिल होने या फिर बतौर षड्यंत्रकारी शामिल होने के सवाल पर DCP ने बताया कि गुप्ता परिवार का इतिहास बहुत ही वायलेंट रहा है. 1997 में राजेंद्र ने जून महीने में अपने भाई-भाभी की हत्या की थी तो दिसंबर में अपने पिता और गार्ड की हत्या की थी. इस केस में राजेंद्र की मां शारदा देवी ही वादी थी और आगे चलकर उनके होस्टाइल होने की वजह से राजेंद्र बरी हो गया था. 

1997 में अपने मां-बाप की हत्या को विक्की ने देखा था. यही वजह है कि बीते साल-डेढ़ साल से विक्की चाचा के मर्डर की प्लानिंग में लगा हुआ था. विक्की के बारे में DCP ने बताया कि विक्की ने मास्टर्स आफ कम्प्यूटर एप्लिकेशन यानी MCA किया हुआ है और सॉफ्टवेयर डेवलपर के तौर पर काम करता था. 

विक्की की गतिविधियों को खंगालने पर पता चला है कि अहमदाबाद में उसने 22-24 नवंबर के बीच अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था. इसके बाद विक्की बनारस आया था और यहीं पर भाईदूज तक रुका था. वहीं, पुलिस के हाथ न लगने के कारण के बारे में DCP ने बताया कि विक्की की लोकशन नहीं पता चल पा रही है. वो किसी के संपर्क में नहीं है. अपनी सगी बहन की शादी तक में शामिल नहीं हुआ था. 

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मामले में राजेंद्र की मां यानी विक्की की दादी की भूमिका के सवाल पर DCP गौरव बंसवाल ने बताया कि शारदा देवी ने ही विक्की द्वारा ऐसी घटना करने का शक जताया गया था. अक्सर विक्की उनसे ऐसी बात किया करता था. वह दिवाली के पहले ही इस हत्याकांड को अंजाम देना चाहता था, क्योंकि पटाखों की शोर में गोलियों की आवाज दब जाती. 

विक्की द्वारा कत्ल करने के मोटिव के बारे में DCP ने बताया कि विक्की के छोटे भाई प्रशांत उर्फ जुगनू से पूछताछ में पता चला है कि विक्की शुरू से ही अपने चाचा राजेंद्र के खिलाफ था. राजेंद्र अक्सर विक्की को मारता-पीटता था. फिलहाल, विक्की को पकड़ने के लिए उसके सभी संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है. दोस्तों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है. जल्द ही उसे अरेस्ट कर लिया जाएगा. 

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