
सिद्धार्थनगर जिले की शोहरतगढ़ विधानसभा से अपना दल (एस) के विधायक विनय वर्मा एसपी प्राची सिंह के विरोध में धरने पर बैठ गए. उनका कहना है कि ज़ब तक जिले की एसपी को यहां से नहीं हटाया जाएगा तब तक वह धरने पर बैठे रहेंगे. विनय वर्मा का आरोप है कि एसपी केवल पैसा खोजती हैं, कार्यकर्ता-विधायक की नहीं सुनतीं.
विधायक विनय वर्मा के मुताबिक, धरने पर बैठने से पहले उन्होंने सभी अधिकारियों व विधानसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा. लेकिन जब कोई ध्यान नहीं गया तो सड़क पर उतर आए. विधायक ने कहा कि अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को यह तय करना होगा कि वह जनता के साथ हैं या एसपी के साथ.
बता दें कि अपना दल (एस) सत्ताधारी बीजेपी कि सहयोगी पार्टी है. लेकिन फिर भी विधायक का आरोप है पुलिस उनकी नहीं सुनती और इसके पीछे एसपी प्राची सिंह का हाथ है. पुलिस-प्रशासन की उदासीनता को लेकर वो धरने पर बैठ गए हैं.
विधायक विनय वर्मा का आरोप है कि ज़ब से जिले में कप्तान के रूप मे प्राची सिंह आई हैं तब से सभी थानों का रेट सेट हो गया है. थानों की बोली लगने लगी है. थाने के एसओ जनता का शोषण करते हैं. थानेदार विधायक की भी नहीं सुनते. इसलिए अब मुख्यमंत्री को तय करना होगा कि जिस जनता की वजह से विधायक बनते हैं और सीएम बनते हैं, उन्हें वह जनता प्यारी है या अफसर.
विनय वर्मा ने कहा कि धरने पर नहीं बैठना चाहता था लेकिन कप्तान प्राची सिंह ने हद कर दी. मैंने विधानसभा अध्यक्ष से लेकर हर जिम्मेदार को पत्र लिखा. लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई. ज़ब एक विधायक एसओ तक को नहीं हटवा सकता तो फिर क्या रह गई हमारी अहमियत. कप्तान को खुश रखने के लिए एसओ भी नहीं सुनता. कप्तान को सही पैरवी भी नागवार है.