
यूपी के बरेली जिले में एक बेटे ने अपने बुजुर्ग पिता की हत्या की सुपारी अपने चचेरे भाई को दे दी. महज 30 हजार रुपये में चचेरे भाई ने एक साथी के साथ मिलकर बुजुर्ग पर सोते समय हमला कर दिया. गनीमत रही कि शोरगुल सुनकर लोग इकट्ठा हो गए, जिसके चलते बुजुर्ग की जान बच गई. फिलहाल, पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आइए जानते हैं पूरा मामला...
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने पुलिस को बताया कि चचेरे भाई ने उन्हें ताऊ लीलाधर की हत्या के लिए 30 हजार रुपये का लालच दिया था. क्योंकि, लीलाधर के बेटे को यह डर लग रहा था कि पिता अपनी प्रेमिका या उसके बेटे के नाम जायदाद लिख देंगे. इसलिए बेटे ने अपने पिता की हत्या की प्लानिंग बना डाली.
17 फरवरी की रात हुआ था हमला
थाना सीबीगंज के गांव पस्तौर निवासी 58 साल के लीलाधर पर 17 फरवरी की रात जानलेवा हमला हुआ था. घटना वाली रात वह घर के पास बने दूसरे मकान में सो रहे थे, तभी रात साढ़े 12 बजे दो हमलावरों ने तमंचे से उनको निशाना बनाकर गोली चला दी. इस बीच छीनाझपटी में तमंचे से कारतूस निकलकर नीचे गिर गया. जिसके बाद हमलावरों ने चाकू निकाल लिया.
लीलाधर पर चाकू से भी हुआ था हमला
गोली से ना मरने के बाद आरोपियों ने हत्या करने के लिए लीलाधर पर चाकू से कई वार किए. हालांकि, शोर मचने पर पड़ोस में रह रही लीलाधर की कथित प्रेमिका और उसका पति जाग गया. मोहल्ले के लोग भी उठ गए. ऐसे में दोनों आरोपी घबराकर फरार हो गए. जिसके चलते बुजुर्ग लीलाधर की जान बच गई.
इस पूरे घटनाक्रम पर लीलाधर के मौसेरे भाई नत्थूलाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि लीलाधर की हत्या की सुपारी उसके बेटे ने ही दी थी.
चप्पल ने खोल दी पोल
मौके से मिले एक चप्पल से हमलावर तक पहुंचने में पुलिस को आसानी हुई. क्योंकि, भागते वक्त जल्दबाजी में एक आरोपी राजेश की लाल रंग की चप्पल घटनास्थल पर ही छूट गई थी. पुलिस ने जब राजेश को पकड़कर पूछताछ की तो वह अकड़ने लगा और हमले से इनकार करने लगा. मगर जब पुलिस ने उसका मोबाइल चेक किया तो उसकी पोल खुल गई. मोबाइल में मौजूद एक फोटो में लाल रंग की चप्पल दिख रही थी.
वहीं, पुलिस ने विवेचना के दौरान जब लीलाधर के दो भतीजों से शक के आधार पर पूछताछ की तो नाटक करते हुए लीलाधर का बेटा राकेश उनकी पैरवी में आ गया. इस दौरान राकेश ने पिता की प्रेमिका के पति पर हत्या की कोशिश का आरोप लगाया. जब पुलिस ने जांच शुरू की तो मामला खुलता चला गया. जिसके बाद पुलिस ने लीलाधर के बेटे राकेश उसके चचेरे भाई राजेश और छोटे को हिरासत में ले लिया. पुलिस की सख्ती देख आरोपियों ने भी अपना गुनाह कबूल कर लिया.
थाना पुलिस का कहना है कि लीलाधर का पड़ोस की ही एक महिला से संबंध है. उस महिला से भी लीलाधर का एक बेटा है. आरोपी राकेश ने पुलिस को पूछताछ के दौरान बताया कि उसके पिता के पास करीब 20 बीघा जमीन है. उसको डर लग रहा था कि पिता सारी संपत्ति अपनी प्रेमिका को दे देंगे. संपत्ति की खातिर उसने अपने पिता की हत्या की प्लानिंग बनाई.