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मुनव्वर राणा की बेटी को पुलिस ने बहराइच जाने से रोका, महाराजगंज के हिंसा प्रभावित इलाकों में जा रही थीं सुमैया

मशहूर शायर मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया राणा को पुलिस ने बहराइच के महाराजगंज इलाके में जाने से रोक दिया है. सपा नेता हिंसा प्रभावित इलाके में पीड़ितों से मिलने जा रही थीं. इसको लेकर उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर पुलिस ने उस दिन सक्रियता दिखाई होती तो हिंसा न होती.

सपा नेता सुमैया राणा को पुलिस ने बहराइच जाने से रोका (फाइल फोटो) सपा नेता सुमैया राणा को पुलिस ने बहराइच जाने से रोका (फाइल फोटो)
आशीष श्रीवास्तव
  • बहराइच,
  • 24 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 10:41 AM IST

मशहूर शायर मुनव्वर राणा की बेटी और समाजवादी पार्टी की नेता सुमैया राणा को बहराइच के हिंसा प्रभावित इलाके में जाने से रोका गया है. उन्हें पुलिस ने लखनऊ-बहराइच हाईवे पर फखरपुर थाना इलाके से ही वापस लौटा दिया. पुलिस की ओर से कहा गया उनके पास सुमैया के दौरे की सूचना नहीं है. 

बहराइच के हिंसा प्रभावित इलाके महाराजगंज जा रहीं सपा नेता सुमैया राणा को लखनऊ-बहराइच हाईवे स्थित फखरपुर थाने की पुलिस ने रोक लिया. वो हिंसा प्रभावितों से मिलने के लिए महाराजगंज जा रही थीं. पुलिस ने सूचना का हवाला देते हुए सुमैया को वापस लौटा दिया. वहीं सुमैया राणा ने इसको लेकर पुलिस पर तंज कसा है. उन्होंने कहा कि अगर इतनी सक्रियता उस दिन दिखाई होती तो हिंसा ही न होती. 

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इससे पहले प्रशासन ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय को बहराइच जाने से रोक दिया था. सपा नेता हिंसा के पीड़ित परिवारों से मुलाकात करना चाहते थे. हालांकि लखनऊ से निकलने से पहले ही उन्हें रोक लिया गया. वहीं सपा नेता ने इसे सरकार की तानाशाही और मनमानी बताया था. 

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13 अक्टूबर को भड़की थी हिंसा 

बहराइच के हरदी थाना क्षेत्र के रेहुआ मंसूर गांव के रहने वाले रामगोपाल मिश्रा 13 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए निकले जुलूस में शामिल थे. ये जुलूस जब महराजगंज बाजार में समुदाय विशेष के मोहल्ले से गुजर रहा था तो दो पक्षों में कहासुनी हो गई. आरोप है कि इस दौरान छतों से पत्थर फेंके जाने लगे, जिससे विसर्जन में भगदड़ मच गई. इस बीच रामगोपाल को एक घर की छत पर गोली मार दी गई, जिससे उसकी मौत हो गई.

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