
हिंदू देवी-देवताओं पर विवादित टिप्पणी कर एक बार फिर चर्चा में आए समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य पर योगी सरकार के मंत्री संजय निषाद ने जमकर हमला बोला. उन्होंने कहा कि मौर्य जहरीले बोल बोल रहे हैं. उनको पागलखाने में भेज देना चाहिए. बसपा में मलाई खाने के बाद अब वो सपा में चले गए हैं. समाजवादी को 'समाप्तवादी' पार्टी बनाने का काम कर रहे हैं.
दरअसल, दिवाली के मौके पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर देवी लक्ष्मी को लेकर विवादित पोस्ट किया था. जिसको लेकर उनकी काफी आलोचना हो रही है. जब निषाद पार्टी के अध्यक्ष और यूपी के मंत्री संजय निषाद से इस विषय पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने छूटते ही कहा- "दिवाली के अवसर पर ऐसे बोलने का मतलब ये मानसिक दिवालियापन है. एक तरीके से पागलखाने में भेज देना चाहिए, पागल कुत्ते की तरह इनकी आवाज है, जहरीली आवाज है. इससे समाज में बंटवारा होता है."
स्वामी पर भड़के संजय निषाद
संजय निषाद यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा- जब ये बसपा में थे तो नारा लगाते थे कि हाथी नहीं गणेश है, ब्रह्मा, विष्णु, महेश है. बसपा में मलाई खाने के बाद बीजेपी में आ गए. यहां खूब राम-राम किए. फिर सपा में चले गए. अब सपा में एक वर्ग को खुश करने के लिए ऐसे बयान दे रहे हैं. सपा ने भी चाबी भर रखी है. वही बोल रहे हैं.
राम का अपमान यानि निषादों का अपमान: संजय निषाद
स्वामी प्रसाद मौर्य के विवादित बयानों को लेकर संजय निषाद ने कहा कि यदि आप राम का अपमान कर रहे हैं तो समझिए उनके बाल सखा निषाद राज का अपमान कर रहे हैं. 18% आबादी का अपमान जनता देख रही है. वैसे भी जनता ने इनकी (स्वामी) आवाज को खारिज कर दिया है. खुद को जिंदा रखने के लिए ऐसे बयान देते रहते हैं. समाजवादी पार्टी को 'समाप्तवादी' पार्टी बनाने में इनके जैसे लोगों की भूमिका है.
संजय निषाद ने स्वामी प्रसाद मौर्य को भाड़े का पहलवान बताते हुए कहा कि जब मुलायम सिंह जी थे तो अखाड़े के पहलवान तैयार करते थे. सपा में दूसरे अनुभवी नेता हैं. वो भी स्वामी के बयानों को सही नहीं मानते. फिर, चाहे वो रामगोपाल जी हों या शिवपाल जी हों.