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कानपुर के एसीपी रहे मोहसिन खान पर रेप का आरोप लगाने वाली IIT की छात्रा ने यूपी सरकार और यूपी पुलिस से न्याय की गुहार लगाई है. छात्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए आरोप लगाया कि एसीपी और उसके वकील द्वारा उसका चरित्र हनन किया जा रहा है. अगर यह उत्पीड़न ऐसे ही जारी रहा तो उसके पास आत्महत्या के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा.
पीड़ित छात्रा ने एक्स पर पोस्ट कर अपने खिलाफ फर्जी एफआईआर दर्ज होने की आशंका जताई है. इतना ही नहीं, उसने पूरी न्याय व्यवस्था और पुलिसिंग पर सवाल उठाते हुए लिखा कि इतने जघन्य अपराध के बाद भी एसीपी मोहसिन खान को न तो निलंबित किया गया और न ही गिरफ्तार किया गया.
कानपुर IIT में पीएचडी रिसर्च स्कॉलर छात्रा ने लिखा- 'मैं उत्तर प्रदेश के कल्याणपुर थाने में दर्ज एफआईआर की शिकायत करने वाली पीड़िता हूं. इस मामले में आरोपी मोहसिन खान पीपीएस अधिकारी हैं. उनके कारण मुझे कई गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. इतने बड़े अपराध की शिकार होने के बाद भी मुझे मोहसिन खान और उनके वकील बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं. मैं जानती हूं कि आरोपी को अपना बचाव करने का हक है, लेकिन इस मामले में उनके द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे तरीके बेहद चिंताजनक और खतरनाक हैं.'
बकौल पीड़िता- 'मोहसिन के वकील ने अपने इंटरव्यू में झूठा आरोप लगाया कि मैंने मोहसिन के बच्चे को मारने की कोशिश और मेरे शादीशुदा होने झूठा दावा भी किया, जिसका मकसद मेरी प्रतिष्ठा को धूमिल करना और मेरे मामले को कमजोर करना है. इन झूठे दावों और आरोपों के कारण मैं डरी हुई हूं. क्योंकि मोहसिन खान जिनकी करतूत उजागर हो चुकी है, उन्हें न तो अभी तक निलंबित किया गया और न ही गिरफ्तार किया गया है. वह मेरे खिलाफ झूठे मामले दर्ज करवा सकते हैं. मेरे करियर और भविष्य झूठे आरोपों के कारण बर्बाद हो सकता है.'
छात्रा ने आगे लिखा कि मैं सिविल सेवा की तैयारी और भविष्य में विदेश में नौकरी की तैयारी में हूं. एक भी झूठा मामला जो पूरी तरह से निराधार होने के बाद भी मेरे पूरे करियर को बर्बाद कर सकता है. जिसे मैंने मेहनत से बनाने की कोशिश की है. भारत में जहां महिलाएं अक्सर अपनी शिकायत दर्ज कराने और न्याय करने के लिए संघर्ष करना पड़ता है. मैं खुद से सवाल कर रही हूं कि क्या मैं इस व्यवस्था में न्याय की उम्मीद कर सकती हूं. मैं उत्तर प्रदेश पुलिस से विशेष रूप से अनुरोध करती हूं कि मेरे खिलाफ कोई झूठा मामला दर्ज न होने पाए. मैं आपसे निवेदन करती हूं कि आगे मुझे किसी प्रताड़ना से बचाने में मदद करें. न्याय पाने के लिए पहले ही मैंने अपनी गरिमा और प्रतिष्ठा को दांव पर लगा दिया है. लेकिन मैं अपने करियर और भविष्य की बलि नहीं दे सकती हूं. अगर ऐसे ही प्रताड़ना का दौर चलता रहा तो मेरे पास कोई और विकल्प नहीं बचेगा और मैं सुसाइड जैसा आत्मघाती कदम उठाने को मजबूर हो जाऊंगी. अपनी बात लिखते हुए छात्रा ने यूपी पुलिस और उत्तर प्रदेश सरकार से न्याय की गुहार लगाई है.