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UP: तीन पुलिसकर्मियों ने चोरी के आरोप में की मासूम बच्चों की पिटाई, गंभीर हालात में ट्रामा सेंटर रेफर

बांदा पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं. चोरी के आरोप में पूछताछ के दौरान दो मासूम बच्चों को बेरहमी से पिटाई की गई. इसके बाद परिजनों ने दोनों बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया. मामले में बांदा के डीएसपी ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया. साथ ही कहा कि मामले की जांच की जा रही है.

अस्पताल में भर्ती बच्चे अस्पताल में भर्ती बच्चे
सिद्धार्थ गुप्ता
  • बांदा,
  • 27 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 12:06 AM IST

उत्तर प्रदेश के बांदा में पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया है. आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने दो मासूमों को चोरी के आरोप में थाने में लाकर जमकर पिटाई की. आनन-फानन में परिजनों ने दोनों बच्चों को जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया. वहां, उनकी गंभीर हालात को देखते ट्रामा सेंटर में रेफर कर दिया गया.

परिजनों की शिकायत पर डिप्टी एसपी ने पुलिसकर्मियों का बचाव करते हुए जांच के आदेश दिए हैं. मामला बिसंडा थाना इलाके के दुरई माफी गांव का है. यहां के रहने वाले घायल ओमप्रकाश ने बताया कि हम बैट बॉल खेल रहे थे. इसी दौरान बगल के घर में गेंद चली गई. गेंद लेने में घर का ताला टूट गया.

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घर वालों ने 40 हजार रुपये चोरी का लगाया आरोप 

इसके बाद घर के लोग ने 40 हजार रुपये चोरी करने का आरोप लगा दिया. शाम को पुलिस ने बुलाकर चोरी की बात करने लगे. इसके बाद पुलिस वाले गाड़ी में बैठाकर थाना ले गए और तीन सिपाहीयों ने मिलकर जमकर पीटा. हम उनका नाम नहीं जानते, लेकिन पहचानते हैं.

बेरहमी से हम दोनों को मारा है. इसके बाद कान मरोड़ दिया और डंडे और थप्पड़ों से मारा है. दूसरा लड़का नीरज है. वह भी उसके पड़ोस में ही रहता है. पुलिस ने उसको भी मारा है.

बच्चों ने चोरी की बात स्वीकार की है- डीएसपी 

मामले में बांदा के डीएसपी गवेंद्र पाल गौतम ने बताया, "थाना बिसंडा क्षेत्र के दुरई माफी के रहने वाले व्यक्ति ने दो नामजद लड़को के खिलाफ शिकायत की गई थी. आरोप लगाया कि उसके घर का ताला तोड़कर 33 हजार रुपये चोरी की गई है. इसके बाद पुलिस ने परिवार सहित बच्चों को पूछताछ के लिए बुलाया. बच्चों ने चोरी करना स्वीकार किया और परिजनों ने थाने में समझौता पत्र दिया."

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पुलिसकर्मियों पर लगे आरोप की जांच की जा रही है- डीएसपी 

उन्होंने आगे बताया, "परिजनों ने कहा कि हमारे बच्चों से गलती हो गई है. हम ये रुपये कुछ दिन में दे देंगे. पुलिस के द्वारा मारपीट की घटना झूठी है. बच्चों को केवल पूछताछ के लिए बुलाया गया था. उन्हें परिजनों को वापस कर दिया गया था. फिर भी मामले में आरोपों के संबंध में जांच की जा रही है. इसके बाद कार्रवाई की जाएगी."

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