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गाजियाबाद विकास प्राधिकरण के तीन पर्यवेक्षक निलंबित, बिल्डरों के साथ मिलकर अवैध निर्माण कराने का आरोप

Ghaziabad Development Authority के उपाध्यक्ष ने कहा कि नक्शे आवास उद्देश्यों के लिए स्वीकृत किए जाते हैं, लेकिन बिल्डरों ने स्टिल्ट एरिया में दुकानें बना लीं, जो पार्किंग के लिए आरक्षित थीं.

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण गाजियाबाद विकास प्राधिकरण
aajtak.in
  • गाजियाबाद ,
  • 01 मई 2024,
  • अपडेटेड 9:56 AM IST

गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (Ghaziabad Development Authority) के तीन पर्यवेक्षकों को निलंबित कर दिया गया.  ये कार्रवाई राजेंद्र नगर क्षेत्र में अवैध निर्माण को बढ़ावा देने वाले बिल्डरों के साथ कथित संलिप्तता के चलते हुई, जिसके कारण सीवर बुनियादी ढांचा ध्वस्त हो गया था. मंगलवार को हुई इस कार्रवाई के बाद महकमे में हड़कंप मच गया. 

दरअसल, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) के उपाध्यक्ष अतुल वत्स को सोमवार को राजेंद्र नगर क्षेत्र के अचानक निरीक्षण में कई अवैध निर्माण मिले. जिसपर अतुल वत्स ने एक्शन लिया. उन्होंने बताया कि GDA सुपरवाइजर अनिल त्यागी, अरविंद चौहान और राजू दिवाकर के निलंबन के आदेश मंगलवार से लागू हैं. साथ ही राजेंद्र नगर क्षेत्र के संबंधित कनीय अभियंता एवं सहायक अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया.

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GDA उपाध्यक्ष ने कहा कि नक्शे आवास उद्देश्यों के लिए स्वीकृत किए जाते हैं, लेकिन बिल्डरों ने स्टिल्ट एरिया में दुकानें बना लीं, जो पार्किंग के लिए आरक्षित थीं. उन्होंने आगे कहा कि निरीक्षण के दौरान कोई तकनीकी व्यक्ति साइट पर मौजूद नहीं था और वे स्वीकृत मानचित्र भी प्रस्तुत नहीं कर सके. 

अतुल वत्स ने खरीदारों से अवैध मकान और फ्लैट न खरीदने का आग्रह किया. उन्होंने बिल्डरों को चेतावनी भी दी कि वे अवैध इमारतों का निर्माण न करें अन्यथा इमारतों को ध्वस्त कर दिया जाएगा. फिलहाल, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की ये कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है. 

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