
अब से कुछ घंटे बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के लिए एक और महापरीक्षा शुरू हो जाएगी? यह प्रश्न इसलिए क्योंकि आज महाशिवरात्रि है और महाकुंभ का आखिरी महास्नान भी है. प्रयागराज में महाकुंभ को शुरू हुए 44 दिन हो चुके हैं और विपक्ष ने इस दौरान संगम के जल से लेकर व्यवस्था तक को सवालों के कठघरे में खड़ा किया है. लेकिन इन 44 दिनों में महाकुंभ में पहुंचे 65 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की संख्या अब तक हर परीक्षा में योगी सरकार का कवच बनती रही. अब आज की परीक्षा में चुनौतियों का चक्रव्यूह कैसे पार होगा?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुमान लगाया था कि देश और दुनियाभर से महाकुंभ में 45 करोड़ के करीब सनातनी आस्था की डुबकी लगाने आएंगे. लेकिन मुख्यमंत्री के इस अनुमान को महाकुंभ के 26 दिनों में ही आस्था के ज्वार ने तोड़ दिया. फिर दूसरा अनुमान मुख्यमंत्री ने 60 करोड़ का लगाया, जो महाकुंभ के 40वें दिन तक पूरा हो गया. महाकुंभ के आखिरी दिन यानी बुधवार को महाशिवरात्रि के शाही स्नान पर प्रयागराज में संभव है कि श्रद्धालुओं की संख्या 2 करोड़ तक पहुंच जाए. इसीलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर मेला प्रशासन ने पहले ही हर तैयारी कर ली है.
महाकुंभ के आखिरी महास्नान पर ये 7 चुनौतियां
आप कहेंगे कि 44 दिनों तक महाकुंभ में सबकुछ संभल गया तो फिर 45वें दिन ऐसा क्या है? दरअसल, महाशिवरात्रि पर महाकुंभ में सात चुनौतियों का चक्रव्यूह है. पहली चुनौती- महाकुंभ का आखिरी दिन, दूसरी चुनौती- महाशिवरात्रि का पर्व, तीसरी चुनौती- महाशिवरात्रि पर आखिरी महास्नान पर जुटते श्रद्धालु, चौथी चुनौती- संगम के साथ शहर में शिवालयों पर जुटने वाले लोगों को संभालना, पांचवीं चुनौती- प्रयागराज से लेकर वाराणसी, अयोध्या तक श्रद्धालुओं के प्रवाह को नियंत्रित करना, छठी चुनौती- कई क्षेत्रों में धार्मिक संवेदनशीलता को समझते हुए कानून-व्यवस्था संभालना. सातवीं चुनौती- अफवाह वाली साजिश से बचना.
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महाकुुंभ पुलिस ने मंगलवार को बांग्लादेश की ट्रेन को भारत में कुंभ जाती ट्रेन बताकर अफवाह फैलाने वाली साजिश का संज्ञान लिया. 31 सोशल मीडिया अकाउंट के खिलाफ FIR दर्ज की गई है. आज जब शिवालयों से लेकर संगम तक, रेलवे स्टेशन से लेकर सड़कों तक, करोड़ों की तादाद में लोग होंगे, तब ना कोई अफवाह चल पाए, ना कोई अव्यवस्था पनप पाए...इसलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाशिवरात्रि की महापरीक्षा सफल कराने के लिए लखनऊ से बड़े अधिकारियों को निर्देश देकर प्रयागराज भेजा है.
महाशिवरात्रि के स्नान को लेकर अफसरों की पूरी टीम महाकुंभ में लगाई गई है. ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए 6 आईपीएस अफसरों के बाद अब एडीजी लॉ एंड ऑर्डर भी प्रयागराज पहुंच चुके हैं. अमिताभ यश के साथ आईएएस आशीष गोयल भी प्रयागराज में कैंप कर रहे हैं. अमिताभ यश ने महाकुंभ पुलिस कंट्रोल रूम में जाकर पूरे हालात का जायजा लिया. उन्होंने ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए प्रयागराज कमिश्नरेट, जीआरपी एसपी समेत सभी अफसरों के साथ बैठक की.
महाकुंभ में ADG रैंक के 4 अफसर
एडीजी प्रयागराज जोन भानु भास्कर
एडीजी पीएसी सुजीत पांडे
एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश
एडीजी ट्रैफिक के. सत्यनारायण
आईजी रैंक के 7 अफसर
पुलिस कमिश्नर प्रयागराज तरुण गाबा
आईजी प्रेम कुमार गौतम
आईजी आशुतोष कुमार
आईजी मंजिल सैनी
आईजी प्रीतिंदर सिंह
आईजी चंद्र प्रकाश
आईजी राजेश मोदक
डीआईजी रैंक के 2 अफसर
डीआईजी अजय पाल शर्मा
डीआईजी वैभव कृष्ण
महाशिवरात्रि पर ट्रैफिक संभालना बड़ी चुनौती
महाशिवरात्रि से एक दिन पहले यानी मंगलवार को सुबह 10 बजे तक- महाकुंभ में 50 लाख लोग संगम में स्नान कर चुके थे. शाम 4 बजे तक यह आंकड़ा 1 करोड़ पहुंच गया, यानी 6 घंटे में ही 50 लाख और लोगों ने डुबकी लगा ली. इस हिसाब से हर घंटे औसत 8 लाख से अधिक लोगों ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई. अनुमान है कि महाशिवरात्रि पर 1.75 करोड़ से 2 करोड़ लोग महाकुंभ में पहुंच सकते हैं. इसीलिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश भी अब प्रयागराज पहुंच चुके हैं. प्रयागराज महाकुंभ में महाशिवरात्रि के मौके पर आखिरी शाही स्नान को देखते हुए सबसे बड़ी चुनौती ट्रैफिक व्यवस्था को संभालना है.
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क्योंकि पहले भी देखा गया कि निजी गाड़ियों से लाखों लोगोंं के पहुंचने के बाद हालात कुछ देर के लिए नियंत्रण से बाहर हुए. लेकिन इस बार ऐसा नहीं होने दिया जाएगा. एडीजी पीएसी सुजीत पांडे प्रयागराज-मिर्जापुर रूट पर ट्रैफिक नियंत्रण देखेंगे, IG चंद्र प्रकाश प्रयागराज-वाराणसी हाइवे पर, आईजी प्रीतिंदर सिंह प्रयागराज-रीवा राजमार्ग का ट्रैफिक संभालेंगे. आईजी राजेश मोदक को प्रयागराज के शहरी क्षेत्र का ट्रैफिक संभालना है. विजिलेंस में आईजी मंजिल सैनी लखनऊ और अयोध्या-प्रतापगढ़ रूट के ट्रैफिक को व्यवस्थित करेंगी. क्योंकि जिस वक्त देश भर से लोग आखिरी शाही स्नान के लिए महाकुंभ में पहुंच रहे होंगे, तब प्रयागराज के शिवालयों में भी भारी तादाद में लोग जुटेंगे, जिसे एक साथ संभालना बड़ी चुनौती है.
महाकुंभ क्षेत्र में कैसे होगा क्राउड मैनेजमेंट?
महाकुंभ में महाशिवरात्रि पर एक और बड़ी चुनौती संगम क्षेत्र में स्नान करने वाले लोगों का नियंत्रण है. इसके लिए मेला क्षेत्र को मंगलवार शाम 4 बजे से और शहरी क्षेत्र को शाम 6 बजे से ही नो व्हीकल जोन घोषित कर दिया गया है. अब जोर इस बात पर है कि किसी भी घाट पर स्नान के लिए बहुत सारे लोग एक साथ ना जुटें, लोग एक जगह इकट्ठा न होकर चलते रहें. महाकुंभ मेला क्षेत्र के डीआईजी वैभव कृष्ण महाशिवरात्रि स्नान की तैयारियों का निरीक्षण करने के लिए मचान पर चढ़े दिखे. यहीं पर आजतक ने उनसे पूछा कि आखिरी महाकुंभ की आखिरी परीक्षा यूपी पुलिस कैसे पास करेगी? इस सवाल के जवाब में महाकुंभ मेला क्षेत्र के डीआईजी वैभव कृष्ण ने कहा, 'संगम एरिया के लिए अलग फोर्स है, सीसीटीवी कैमरे से प्रेशर पॉइंट पर नजर रखी जा रही है. बैरियर लगाए गए हैं. भीड़ नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की मदद से होल्डिंग एरिया बनाया गया है.
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महाकुंभ में कैसे होती है श्रद्धालुओं की गिनती?
जब सरकार कहती है कि 44 दिन में 65 करोड़ लोग महाकुंभ पहुंच चुके हैं तो क्या आपके मन में भी ये सवाल उठता है कि आखिर संख्या कैसे गिनी जा रही? सदियों से चलते आ रहे महाकुंभ में 21वीं सदी की तकनीक का उपयोग किया गया है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से श्रद्धालुओं की गिनती हो रही है. पूरे महाकुंभ मेला क्षेत्र में 500 एआई इलेबल्ड कैमरे लगाए गए हैं, जो श्रद्धालुओं की गिनती करते हैं. सबसे पहले- ये देखा जाता है कि कितने क्षेत्र में एक वक्त पर कितने लोग मौजूद हैं. दूसरा- मेला क्षेत्र में जो लोग दिखते हैं उनके सिर की गिनती होती है. तीसरा- चेहरे से पहचान. यानी AI कैमरों से लोगों के चेहरों की पहचान करके उनका डेटा बनता है.