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यूपी सरकार ने IPS जुगल किशोर तिवारी का निलंबन रद्द किया, जानिए किस मामले में हुए थे सस्पेंड

बीती 10 जुलाई को IPS अधिकारी जुगल किशोर तिवारी को सस्पेंड कर दिया गया था. वह डीआईजी फायर सर्विसेज के पद पर पोस्टेड थे. आचरण नियमावली का पालन ना करने के चलते उनपर ये एक्शन लिया गया था. हालांकि, अब उन्हें बहाल कर दिया गया है.

IPS जुगल किशोर तिवारी का निलंबन रद्द IPS जुगल किशोर तिवारी का निलंबन रद्द
संतोष शर्मा
  • लखनऊ ,
  • 27 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 4:06 PM IST

उत्तर प्रदेश में डीआईजी फायर रहे आईपीएस जुगल किशोर तिवारी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है. शासन ने जुगल किशोर तिवारी को बहाल कर दिया है. वह उन्नाव में तैनात फायर विभाग के एक सिपाही को विभागीय जांच में क्लीन चिट देने के मामले में सस्पेंड चल रहे थे. उनके सस्पेंशन का मामला काफी चर्चा में रहा.  

बता दें कि बीती 10 जुलाई को IPS अधिकारी जुगल किशोर तिवारी को सस्पेंड कर दिया गया था. वह डीआईजी फायर सर्विसेज के पद पर पोस्टेड थे. आचरण नियमावली का पालन ना करने के चलते उनपर ये एक्शन लिया गया था. 

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आरोप था कि IPS जुगल किशोर ने अपने अधिकार क्षेत्र के बाहर जाकर दो साल से ज्यादा छुट्टी पर रहे एक फायरमैन की सुनवाई करते हुए नियमों के परे जाकर उसे लाभ पहुंचाया था.

दरअसल, उन्नाव में तैनात फायरमैन बीमारी के चलते कई दिन ड्यूटी से गायब रहा था. बिना अनुमति के ड्यूटी से गायब रहने पर उसे एक साथ दो सजा दी गई थी. जिसमें 3 साल के लिए न्यूनतम वेतन और छुट्टी की अवधि में लीव विदाउट पेमेंट शामिल थी.

करीब डेढ़ साल पहले के इस मामले में तत्कालीन एसपी उन्नाव ने फायरमैन को दंड दिया था. इसके बाद विभाग के डीआईजी से अपील की गई थी. जिसपर डीआईजी जुगल किशोर तिवारी ने एक अपराध में दो सजा नही देने के सिद्धांत में फायर विभाग के ड्राइवर को क्लीन चिट दे दी थी.

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तब जुगल किशोर का इस पूरे मामले पर कहना था कि उन्होंने नियमतः काम किया है. उचित फोरम में अपनी बात रखूंगा. उन्होंने अपने सस्पेंशन पर सवाल खड़े किए थे.  

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