
महाकुंभ मेले के दौरान संगम क्षेत्र में श्रद्धालुओं और कल्पवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग ने मंगलवार को एक विशेष बैठक आयोजित की. बैठक में मेले के क्षेत्र में सिलेंडरों की जांच अनिवार्य करने का निर्णय लिया गया. यह फैसला रविवार और सोमवार को महाकुंभ मेले में आग की दो घटनाओं के बाद लिया गया.
कब हुई थी घटनाएं?
सोमवार को सेक्टर-16 में किन्नर अखाड़ा के पास आग लगने की घटना सामने आई. हालांकि, इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ. रविवार को सेक्टर-19 में सिलेंडर फटने से लगी आग ने 18 टेंट को अपनी चपेट में ले लिया.
सिलेंडर जांच के सख्त निर्देश
मंगलवार को हुई बैठक में खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग, फायर ब्रिगेड, एलपीजी सिलेंडर डिस्ट्रीब्यूटर और गैस कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए.
बैठक में क्या निर्णय लिए गए?
तकनीकी सहायक सिलेंडरों की जांच करेंगे. किसी भी सिलेंडर में लीकेज मिलने पर उसकी आपूर्ति रोक दी जाएगी. गैस सिलेंडर, पाइप और रेगुलेटर की जांच की जाएगी. स्टैण्डर्ड के अनुसार न होने पर उन्हें बदला जाएगा. इसके अलावा मेले में तकनीकी सहायक तैनात किए गए हैं, जो किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई करेंगे. मेले के क्षेत्र में अधिकतम 100 किलो गैस रखने की अनुमति होगी और घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के दुरुपयोग या अवैध गैस सिलेंडरों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
एजेंसियों पर नजर
सरकार ने गैस आपूर्ति की निगरानी के लिए एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर और अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है. नियमों के उल्लंघन पर एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
प्रशासन सतर्क
रविवार और सोमवार को हुई आग की घटनाओं के बाद प्रशासन ज्यादा सतर्क हो गया है. सोमवार को सेक्टर-16 में किन्नर अखाड़ा के पास सुबह करीब 9:30 बजे धुआं उठता देख फायर स्टेशन कर्मियों ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी. हालांकि, फायर ब्रिगेड के पहुंचने से पहले लोगों ने पानी और रेत से आग बुझा दी.