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हाथरस: बाबा सूरजपाल का काला साम्राज्य उजागर, आजतक ने खोज निकाला आलीशान आश्रम के अंदर सच

यह आश्रम कानपुर शहर से लगभग 25 किमी दूर 5 से 6 बीघा जमीन पर बना है. जिसके गेट पर ही सोने के रंग के 5 बड़े बड़े गुंबद लगे हुए हैं. यहां कम संख्या में सेवादार रहते हैं. आश्रम के लिए कमिटियां बनाई गई हैं उसी के मुताबिक ड्यूटी तय होती है.

आश्रम के भीतर की तस्वीर आश्रम के भीतर की तस्वीर
समर्थ श्रीवास्तव
  • लखनऊ,
  • 04 जुलाई 2024,
  • अपडेटेड 9:30 PM IST

नारायण साकार हरि महाराज उर्फ बाबा सूरजपाल के सतसंग में हुई मौतों के बाद बाबा के साम्राज्य पर भी पुलिस की नजर है, जिसे लेकर पुलिस लगातार पूछताछ के लिए पहुंच रही है. इसी क्रम में बाबा के साम्राज्य की पड़ताल करने आजतक पहुंचा कानपुर के बिधनू में कसुई गांव के किनारे बाबा सरकार हरि के आलीशान आश्रम में.

यह आश्रम कानपुर शहर से लगभग 25 किमी दूर 5 से 6 बीघा जमीन पर बना है. जिसके गेट पर ही सोने के रंग के 5 बड़े बड़े गुंबद लगे हुए हैं. यहां कम संख्या में सेवादार रहते हैं. आश्रम के लिए कमिटियां बनाई गई हैं उसी के मुताबिक ड्यूटी तय होती है.

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हालांकि, आश्रम के सामने बने रास्ते को लेकर गांव वालों में और सेवादारों में आए दिन विवाद होता है लेकिन सेवादारों के डर से गांव वाले ज्यादा कुछ नहीं बोलते.

आश्रम के बाहर सूरजपाल की पत्नी की बड़ी तस्वीर लगी है
आजतक ने सबसे पहले आश्रम के बाहर की तस्वीरों को समझा, जहां बाबा और देवी मां यानी कि सूरजपाल की पत्नी की बड़ी सी तस्वीर लगी है, फूलों से सजाया गया है और तमाम मानव धर्म की पंक्तियां लिखी हैं, जिससे आम मानस उसकी ओर आकर्षित हो.

सेवादार करते हैं चमत्कार का दावा
बाबा की सेवादार बताते हैं कि बाबा इंसान नहीं है, बायोलॉजिकल नहीं है, बल्कि अवतार हैं वह भगवान है. कई भक्त दावा करते हैं कि उन्होंने बाबा का स्वरूप भी देखा है जिसकी कोई सीमा नहीं है और कई लोग बाबा के चमत्कारों के भी दावे करते हैं. कई सेवादार बताते हैं कि भूत पिशाचों को भी बाबा भगा देते हैं. उन्होंने बताया कि बाबा जहां से निकलते हैं वहां की मिट्टी बहुत शुभ होती है, उसे लगाने से सारे रोग खत्म हो जाते हैं. एक रंगोली नुमा जगह पर बाबा कदम रखते हैं और वहां की मिट्टी शुभ मानी जाती है, ठीक वैसा ही हाथरस में भी हुआ जिसकी वजह से भगदड़ हुई थी.

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आजतक इकलौता टीवी चैनल है जो बाबा के आश्रम के अंदर गया. अंदर घुसने पर सबसे पहले आश्रम का बाहरी हिस्सा पड़ता है, जहां पर कई गद्दे रखे हुए हैं, गाय और बछड़े बंधे हुए हैं, ढोल मंजीरे रखे हुए हैं. इसके अलावा बड़े-बड़े आलीशान गेट लगे हुए हैं, खिड़कियों में अलग डिजाइन बनी हुई है. इतना ही नहीं बाहर के हिस्से में गार्डन के स्थान पर खेती की व्यवस्था है. अलग-अलग प्रजाति के फुल और सब्जियां लगी हुई हैं.

इतना ही नहीं आश्रम में 5 सितारा रिजॉर्ट की तरह सुविधाएं हैं, यहां कमरों में AC लगे हैं, बड़े-बड़े पंखे बरामदे में लगे हैं, कमरों में क्या होता है यह कोई नहीं जनता.

इसके बाद आजतक आश्रम के मुख्य कक्ष में दाखिल होता है. अंदर जाकर ऐसा लगता है कि किसी राजमहल में आ गए हों, अंदर आलीशान सत्संग भवन बना हुआ है, जहां बाबा की बड़ी बड़ी तस्वीरें रखी हुई हैं, बड़े बड़े कूलर और स्पीकर भी हैं, और बाबा का शयन कक्ष भी तैयार है.

सत्संग भवन के ठीक सामने बाबा का और देवी मां का आलीशान सिंहासन बनाया गया है जहां बाबा की और उनकी तस्वीर रखी गई है और एक बड़ा सा सोफा रखा गया है जिसकी ठीक बगल में एक झूला भी लगाया गया है. देखकर ऐसा लगता है जैसे किसी राजपूत शासक का सिंहासन हो.

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गांव वालों ने बाबा को बताया ढोंगी
जब इस पूरे मामले की पड़ताल करने आजतक गांव पहुंचता है तो लोग बताते हैं कि बाबा कोई अवतार नहीं है ढोंगी है, लोगों को बेवकूफ बनाकर जमीन हथिया कर आश्रम बना लिया गया है. अगर बाबा अवतारी है या भगवान है तो हाथरस में जो निर्दोष मारे गए हैं. उसकी वजह से उन्हें जिंदा करके दिखाए. गांव वालों ने कहा कि आश्रम की वजह से हमें और हमारे जानवरों का निकलना मुश्किल हो गया है. आए दिन हमें रोका जाता है और कहा जाता है कि खेत के रास्ते से जाओ.

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