
निषाद पार्टी प्रमुख और उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजय निषाद ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने यूपी भाजपा कार्यसमिति की कल लखनऊ में हुई बैठक में दिए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने कहा, 'संगठन सरकार से बड़ा है, संगठन से बड़ा कोई नहीं है. हर एक कार्यकर्ता हमारा गौरव है.' संजय निषाद ने कहा कि संगठन सरकार से बड़ा है, चाहे कुछ भी हो जाए. लोकसभा चुनाव के दौरान कहीं-कहीं प्रशासन की वजह से एनडीए को नुकसान हुआ है.
संजय निषाद ने कहा कि यूपी के कई प्रशासनिक अधिकारी ऐसे हैं जो अंदर से 'हाथी और साइकिल' हैं. कई अधिकारी ऐसे हैं जिन्होंने हमारे कार्यकर्ताओं और नेताओं को सम्मान नहीं दिया, रंगबाज हैं. निषाद पार्टी प्रमुख ने कहा कि मौका आने पर ऐसे अधिकारियों को सबक सिखाएंगे. उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं में नकारात्मक सोच पैदा न हो, इसके लिए हमें कदम उठाने पड़ेंगे. कुछ जगहों पर अधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय नहीं बैठा. अधिकारी उन्हें सम्मान नहीं देते हैं, अपने मन का करते हैं. निषाद पार्टी को इससे घाटा हुआ है.
संजय निषाद ने बुलडोजर कार्रवाई पर खड़े किए सवाल
संजय निषाद ने बुलडोजर कार्रवाई पर भी सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि इस वक्त पर आप बुलडोजर चलवाएंगे, लोगों के घर गिराएंगे, तो वे वोट देंगे क्या? बता दें कि कुकरैल नदी के कैचमेंट एरिया में बने घरों को कोर्ट द्वारा अवैध अतिक्रमण करार दिए जाने के बाद सरकार के निर्देश पर लखनऊ विकास प्राधिकारण बुलडोजर कार्रवाई कर रहा है. सरकार की योजना कुकरैल नदी को पुर्नजीवित करने और इसके किनारों पर रिवरफ्रंट बनाने की है.
यूपी में विधानसभा की 10 सीटों पर उपचुनाव होने हैं. इसे लेकर निषाद पार्टी प्रमुख संजय निषाद ने अपनी डिमांड भी बीजेपी के सामने रख दी है. उन्होंने कहा कि हमें कम से कम 2 सीटें मिलनी चाहिए. हमने बीजेपी को उन सीटों पर जीत दिलाई है, जहां वह कभी नहीं जीत सकती. बता दें कि मिर्जापुर के मझवां सीट पर भी उपचुनाव होना है, जो निषाद पार्टी के विधायक रहे विनोद कुमार बिंद के भदोही से सांसद बनने के बाद खाली हुई है. निषाद पार्टी एनडीए का हिस्सा है.
यूपी बीजेपी प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने बयां किया था दर्द
बता दें कि लोकसभा चुनावों में बीजेपी को उत्तर प्रदेश में लगे झटके के बाद कई नेता और कार्यकर्ता अधिकारियों के बेलगाम होने की शिकायत कर चुके हैं. हाल ही में यूपी बीजेपी के प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने लखनऊ पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर पर अपने और परिवार के साथ दुर्यव्यवहार करने का आरोप लगाया था. उन्होंने कहा था कि वह श्रीनगर से छुट्टियां मनाकर अपने परिवार के साथ लखनऊ लौटे थे. एयरपोर्ट से बाहर निकलने पर रास्ते में ट्रैफिक पुलिस के सब इंस्पेक्टर आशुतोष त्रिपाठी ने उनकी गाड़ी रोककर तलाशी ली, जबकि उन्होंने न तो हूटर लगाया था न ही बत्ती.
इसके विरोध में राकेश त्रिपाठी ने अपनी गाड़ी से बीजेपी का झंडा उतार दिया था और डीजीपी को पत्र लिखकर एसआई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी. उनकी शिकायत पर सब इंस्पेक्टर आशुतोष त्रिपाठी को लाइन हाजिर कर दिया गया था. इसी तरह अयोध्या में बीजेपी की समीक्षा बैठक के दौरान हनुमानगढ़ी के महंत राजूदास ने जिलाधिकारी से बहस कर ली थी. उन्होंने फैजाबाद लोकसभा सीट पर बीजेपी की हार के लिए जिला प्रशासन को दोषी ठहराया था, जिसे लेकर तत्कालीन जिलाधिकारी नीतीश कुमार से उनकी कहासुनी हो गई थी. बाद में राजूदास की सुरक्षा हटा ली गई थी.