
उत्तर प्रदेश के नगर निकाय चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के लिए गुरुवार को मतदान है. इस फेज में 9 मंडल के 38 जिलों की 7 नगर निगम, 95 नगर पालिका, 267 नगर पंचायत पद और पार्षद सीटों के लिए चुनाव है. मेरठ, गाजियाबाद, शाहजहांपुर, बरेली, अलीगढ़, कानपुर, अयोध्या और शाहजहांपुर में लोग मेयर के लिए वोटिंग करेंगे. दूसरे चरण के निकाय चुनाव में बसपा, बीजेपी, कांग्रेस और सपा के लिए काफी अहम माना जा रहा है.
दूसरे चरण में कितने उम्मीदवार
राज्य की 7 नगर निगम की मेयर सीटों के लिए 83 उम्मीदवार मैदान में हैं. इन्हीं नगर निगमों के पार्षद के 581 पद के लिए 3840 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं. वहीं, 95 नगर पालिका परिषदों के अध्यक्ष पद के लिए 969 उम्मीदवार और नगर पालिका के 2520 पार्षद सीटों के लिए 13315 उम्मीदवार मैदान में है. 276 नगर पंचायत के अध्यक्षों के पद के लिए 2942 उम्मीदवार और इनके 3459 सदस्यों के पद के लिए 17997 उम्मीदवार ताल ठोक रहे हैं.
जानें, किस मंडल की किस जिले में वोटिंग
मेरठ मंडल: मेरठ, हापुड़, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद
बरेली मंडल: बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत
अलीगढ़ मंडल: हाथरस, कासगंज, एटा, अलीगढ़
कानपुर मंडल: कानपुर नगर, फर्रुखाबाद, इाटावा, कन्नौज, औरैया, कानपुर देहात
चित्रकूट मंडल: हमीरपुर, चित्रकूट, महोबा, बांदा
अयोध्या मंडल: अयोध्या, सुलतानपुर, अंबेडकरनगर, बाराबंकी, अमेठी
बस्ती मंडल: बस्ती, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर
आजमगढ़ मंडल: आजमगढ़, मऊ, बलिया
मिर्जापुर मंडल: सोनभद्र, भदोही, मिर्जापुर
बसपा और बीजेपी की साख दांव पर है
नगर निकाय चुनाव के पिछले नतीजे को देखें तो दूसरे चरण में बीजेपी और बीएसपी की साख सबसे ज्यादा दांव पर लगी है. मेरठ और अलीगढ़ सीट पर 2017 में बसपा का मेयर चुना गया था. अयोध्या और बरेली में बीजेपी जीत तो मिली थी, लेकिन अंतर बड़ा नहीं था. गाजियाबाद और कानपुर में भाजपा की प्रचंड जीत हुई थी. शाहजहांपुर में पहली बार मेयर का चुनाव हो रहा है. इससे पहले तक नगर पालिका हुआ करती थी. दूसरे चरण में सपा और कांग्रेस के लिए कुछ खोने के लिए नहीं है जबकि बीजेपी और बीएसपी के लिए अपनी जीती हुई सीटों को बचाए रखने की चुनौती है.
अयोध्या में राम का आशिर्वाद किसे मिलेगा?
अयोध्या नगर निगम की मेयर सीट पर बीजेपी ने अपने मौजूदा महापौर ऋषिकेश उपाध्याय की जगह पर गिरीशपति त्रिपाठी को प्रत्याशी बनाया है. अयोध्या मेयर सीट पर सपा से आशीष पांडेय, बसपा से रामूर्ति यादव, कांग्रेस से प्रमिला राजपूत मैदान में है. बीजेपी के लिए अयोध्या सीट काफी अहम मानी जा रही है, लेकिन सपा ने जिस तरह से ब्राह्मण और बसपा यादव कार्ड खेला है. उसके चलते मुकाबला काफी रोचक हो गया है. ऐसे में देखना है कि अयोध्या में राम का आशिर्वाद किसे मिलता है?
कानपुर में ब्राह्मण कैंडिडेट में घमासान
कानपुर नगर निगम की मेयर सीट पर बीजेपी ने अपनी मौजूदा मेयर प्रमिला पांडेय पर दांव लगा रखा है तो सपा ने वंदना बाजपेयी, कांग्रेस से आशनी अवस्थी और बसपा ने अर्चना निषाद को उतारा है. इस तरह से बसपा को छोड़कर बाकी तीनों पार्टियों ने ब्राह्मण कार्ड चला है. सपा विधायक अमिताभ बाजपेयी की पत्नी वंदना बाजपेयी के उतरने और बीजेपी सांसद सत्यदेव पचौरी की बेटी नीतू सिंह को टिकट नहीं मिलने से कानपुर में बीजेपी के लिए अपनी सीट को बचाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है.
बरेली में बीजेपी की राह होगी आसान
बरेली नगर निगम सीट पर बीजेपी ने अपने मौजूदा मेयर उमेश गौतम को उतार रखा है. सपा ने आखिरी वक्त में संजीव सक्सेना की जगह आईएस तोमर पर दांव लगा दिया है, लेकिन बसपा ने युसुफ खां पर दांव लगाकर सपा की मुश्किलें खड़ी कर दी है. बरेली में मुस्लिम वोटों में बिखराव हुआ तो बीजेपी की सियासी राह आसान हो सकती है, क्योंकि मौलाना तौकीर रजा भी सपा के खिलाफ आक्रमक रुख अपनाए हुए हैं.
मेरठ में कौन किसका बिगाड़ेगा गेम
मेरठ नगर निगम की मेयर सीट पर बसपा की साख दांव पर है, उसे अपनी जीत के सिलसिले को बरकरार रखने की चुनौती है.मेयर सीट पर बीजेपी से पूर्व महापौर हरिकांत अहलूवालिया, सपा से विधायक अतुल प्रधान की पत्नी सीमा प्रधान, सपा से हशमत मलिक और कांग्रेस से नसीम कुरैशी चुनाव मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं. बीजेपी से पंजाबी तो सपा से गुर्जर और बसपा-कांग्रेस से मुस्लिम कैंडिडेट मैदान में है. ऐसे में देखना है कि कौन किसका खेल बनाता है और किसका चुनावी खेल बिगाड़ता है?
अलीगढ़ में मुस्लिम वोटों में होगा बिखराव
अलीगढ़ नगर निगम की मेयर सीट पर बीजेपी से प्रशांत सिंघल, बसपा से सलमान शाहिद, सपा के जमीर उल्लाह खां और कांग्रेस से सीपी गौतम मैदान में है. 2017 में बसपा के मोहम्मद फुरकान ने जीत दर्ज की थी. इस बार सपा और बसपा ने जिस तरह से मुस्लिम प्रत्याशी उतार रखे हैं, उसके चलते मुस्लिम वोटों में
बंटवारा तय माना जा रहा है. मुस्लिम वोटों के बिखराव पर ही बीजेपी के जीत की उम्मीद टिकी हुई है और अगर एकजुट होकर वोट करता है तो फिर मुश्किल होगी.
गाजियाबाद में क्या फिर खिलेगा कमल
गाजियाबाद नगर निगम की मेयर सीट पर बीजेपी से सुनीता दयाल मैदान में है, जिनके खिलाफ सपा से सिकंदर यादव की पत्नी पूनम यादव, बसपा से निसारा खान और कांग्रेस से पुष्पा रावत चुनावी ताल ठोक रही है. यहां मुख्य मुकाबला बीजेपी और बसपा के बीच माना जा रहा है. सपा ने आखिरी वक्त में प्रत्याशी के बदलने का खामियाजा उसे उठाना पड़ सकता है.
शाहजहांपुर में पहला मेयर किसका होगा
शाहजहांपुर नगर निगम में पहली बार महापौर पद के लिए चुनाव हो रहा है. बीजेपी ने नामांकन के अंतिम दिन से एक दिन पहले सपा की महापौर प्रत्याशी अर्चना वर्मा बनाकर बड़ा सियासी दांव चला. ऐसे में सपा ने माला राठौर,बसपा ने शगुफ्ता अंजुम और कांग्रेस ने निकहत इकबाल पर दांव लगाया है.नगर पालिका की सीट के रहते हुए शाहजहांपुर में सपा का दो दशक से कब्जा रहा है, लेकिन इस बार उसे अपने वर्चस्व को बचाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है.