
बाहुबली नेता अतीक अहमद को लेकर यूपी पुलिस की टीम गुजरात के साबरमती जेल से निकल चुकी है. यहां से 6 गाड़ियों के काफिले में उसे यूपी के प्रयागराज लाया जा रहा है. अतीक को 45 पुलिसवालों की टीम लेकर आ रही है. इस टीम का नेतृत्व DCP रैंक के अधिकारी कर रहे हैं.
अतीक को जिस काफिले में लाया जाएगा, उसमें 6 गाड़ियां शामिल हैं. इनमें 2 वज्र वाहन भी हैं. सड़क मार्ग से लाते वक्त अतीक अहमद को वज्र वाहन के अंदर ही रखा गया है. जिस रूट से अतीक को प्रयागराज लाया जा रहा है, उसे पूरी तरह से गुप्त रखा गया है. अतीक को गुजरात से प्रयागराज लाने में 30 घंटे से ज्यादा वक्त लग सकता है.
> राजस्थान के बारां होते हुए प्रयागराज पुलिस का काफिला एमपी के शिवपुरी पहुंच गया है. यहां शिवपुरी-झांसी-कानपुर हाइवे पर काफिला थोड़ी देर के लिए रोका गया है.
> कोटा से होते हुए सुबह 5 बजकर 30 मिनट पर अतीक अहमद को लेकर यूपी पुलिस का काफिला राजस्थान के बारां शहर पहुंच गया है. अब यहां से मध्य प्रदेश के शिवपुरी की ओर बढ़ रहा है.
> कोटा के ताथेड़ में अतीक अहमद को लेकर जा रही प्रयागराज पुलिस का काफिला थोड़ी देर के लिए रुका है.
> अतीक अहमद को लेकर आ रही प्रयागराज पुलिस का काफिल रात 3 बजकर 15 मिनट पर कोटा पहुंच गया था. वहां से बारां की ओर बढ़ रहा है.
> बाहुबली अतीक से नजदीकी की वजह से 17 पुलिसवालों का प्रयागराज से ट्रांसफर कर दिया गया है. इससे पहले भी दो इंस्पेक्टर समेत आठ पुलिसवालों को प्रयागराज से ट्रांसफर कर दिया गया था. रविवार को ट्रांसफर किए गए पुलिसवालों में एक सब इंस्पेक्टर, एक उर्दू ट्रांसलेटर, चार सिपाही और 11 हेड कांस्टेबल शामिल हैं.
> अतीक अहमद को लेकर आ रही प्रयागराज पुलिस का काफिला यूपी के जिन जिलों से गुजरेगा, उन जिलों की पुलिस को डीजीपी हेडक्वार्टर की ओर से अलर्ट जारी कर दिया गया है. निर्देश में कहा गया है कि काफिले के रास्ते में किसी भी तरह के जाम या अवरोध न आए.
> अतीक अहमद को लेकर आ रही यूपी पुलिस का काफिला राजस्थान के चित्तौड़गढ़ पहुंच गया है.
> पुलिस ने काफिले में शामिल गाड़ियों में पेट्रोल डलवाने के लिए उदयपुर के नजदीक काफिले को रोका.
> रात करीब 10.15 बजे यूपी पुलिस का काफिला उदयपुर से 8-9 किलोमीटर दूर रोका गया.
> शाम करीब 8.15 बजे यूपी पुलिस का काफिला गुजरात से राजस्थान में दाखिल हो गया.
> शाम करीब 7.05 बजे अतीक को लेकर पुलिस साबरकांठा जिले के हिम्मतनगर से निकली.
> शाम करीब 6.15 बजे पुलिस का कफिला उसे लेकर गांधीनगर जिले के चिलोडा से गुजरा.
> जेल से निकलते वक्त अतीक बोला- कोर्ट के कंधे पर बंदूक रखकर मुझे जान से मारना चाहते हैं.
> पुलिस शाम करीब 5:40 बजे अतीक को जेल से लेकर निकली.
साबरमती जेल से अतीक को लेकर लौट रही 45 पुलिसकर्मियों की टीम में सिर्फ 5 अधिकारियों के पास ही मोबाइल फोन है. इनमें IPS अभिषेक भारती, एक अन्य IPS और 3 डीएसपी शामिल हैं. जिस वज्र वाहन में अतीक सवार है, उसमें तैनात किसी पुलिसकर्मी के पास मोबाइल नहीं है. इन 5 अफसरों को छोड़कर सभी पुलिसकर्मियों के मोबाइल पहले ही जब्त किए जा चुके हैं.
अतीक को साबरमती जेल से लाने के लिए यूपी पुलिस की टीम रविवार सुबह ही गुजरात पहुंच गई थी. दरअसल, अतीक और उसका भाई अशरफ उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी हैं. अतीक के भाई और पूर्व विधायक अशरफ की बात करें तो वह बरेली जेल में कैद है. उसे सोमवार सुबह 10 बजे यहां से प्रयागराज ले जाया जाएगा. मंगलवार को कोर्ट में उसकी पेशी होनी है. अतीक के साथ अशरफ को भी ट्रायल का सामना करना होगा.
अतीक को साबरमती जेल से प्रयागराज लाने के लिए सड़क मार्ग का चुनाव किया गया है. इस पूरे अभियान में 30 घंटे से ज्यादा का समय लगने की उम्मीद है. जेस से रवाना होने से पहले अतीक का मेडिकल टेस्ट किया गया है.
ये भी पढ़ें: 'गाड़ी के ना पलटने की जिम्मेदारी CM योगी की नहीं...' बोले गिरिराज सिंह
अतीक को 28 मार्च की सुबह 11 बजे प्रयागराज के एमपी एमलएल कोर्ट में पेश किया जाएगा. उसकी पेशी से पहले कोर्ट परिसर की सुरक्षा कड़ी करने की मांग शुरू हो गई है. सरकारी वकील गुलाब चंद्र अग्रहरि ने अतीक की पेशी के समय प्रयागराग कोर्ट में सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है. एमपी एमएलएल कोर्ट के जज डीसी शुक्ला ने अतीक को पेश करने के लिए 23 मार्च को आदेश जारी किया था. इस मामले की सुनवाई के बाद 17 मार्च को फैसला सुरक्षित रख लिया गया था.
अतीक को प्रयागराज लाने से पहले ही वहां तैयारियां शुरू हो गई हैं. उसे हाई सिक्योरिटी बैरक के अंदर आइसोलेशन सेल में रखा जाएगा. उसकी बैरक सीसीटीवी कैमरे से लैस होगी. वहां ड्यूटी पर लगाए जाने वाले जेलकर्मियों का चयन उनके रिकॉर्ड के आधार पर किया जाएगा. तैनात कर्मी बॉडी वॉर्न कैमरे से लैस रहेंगे. इसके अलावा प्रयागराज जेल ऑफिस और जेल मुख्यालय पर वीडियो वॉल के जरिए 24 घंटे निगरानी की जाएगी. जेल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए डीआईजी जेल मुख्यालय को रवाना किया गया है. ठीक इसी तरह की व्यवस्था अशरफ के लिए भी होगी.
ये भी पढ़ें: 'CM ने मंत्रियों को बताया होगा, पलट जाएगी गाड़ी....' अखिलेश ने क्यों कही ये बात
बता दें कि 28 मार्च को कोर्ट का जो फैसला आना है, वह उमेश पाल की हत्या का केस नहीं है. बल्कि, उस दिन फरवरी 2006 में उमेश पाल की किडनैपिंग के बाद हुई FIR में फैसला आना है. अपहरण के इस मामले को लेकर 2007 में उमेश ने अतीक और उसके साथियों के खिलाफ केस दर्ज कराया था. तब राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार थी.
अतीक के भाई अशरफ पर 52 केस दर्ज हैं. अतीक की पत्नी पर 3, बेटे अली पर 4, उमर पर 1 केस दर्ज है. वहीं, बेटे असद पर उमेश पाल हत्याकांड में ढाई लाख का इनाम घोषित है. दावा है कि अतीक ने सियासी रसूख, खौफ और अपने गैंग के दम पर हजारों करोड़ की जमीनों पर कब्जा किया.
ये भी पढ़ें: प्रयागराज में इस खास जगह पर रखा जाएगा अतीक अहमद, सिक्योरिटी चार्ट तैयार
यूपी पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक अब तक अतीक अहमद और उसके सहयोगियों के कब्जे से 416 करोड़, 92 लाख, 46 हजार रुपए की जमीन मुक्त कराई गई है. वहीं, अतीक की 1166 करोड़, 45 लाख 42 हजार रुपए की संपत्ति अब तक जब्त की जा चुकी है. अतीक की संपत्ति के अलावा उनकी पत्नी शाइस्ता परवीन से गैंगस्टर एक्ट के तहत 8 करोड़ की संपति जब्त हो चुकी है. अतीक के भाई अशरफ की 27.33 करोड़ की संपत्ति की जब्ती हुई है.