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यूपी: रायबरेली के पास ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश, ट्रैक पर रखे थे बड़े पत्थर

रायबरेली में एक ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश नाकाम कर दी गई. लोको पायलट ने चंपा देवी मंदिर के पास पटरियों पर पत्थर रखे देखे और इमरजेंसी ब्रेक लगाया जिससे हादसा टल गया.

प्रतीकात्मक तस्वीर प्रतीकात्मक तस्वीर
aajtak.in
  • रायबरेली,
  • 09 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 4:21 PM IST

रायबरेली में एक ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश नाकाम कर दी गई. लोको पायलट ने चंपा देवी मंदिर के पास पटरियों पर पत्थर रखे देखे और इमरजेंसी ब्रेक लगाया जिससे हादसा टल गया. रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, शनिवार रात कुछ अज्ञात लोगों ने पुल पर गार्ड रेल और रनिंग रेल के बीच (लगभग 450 मिमी की दूरी) पत्थर रख दिए थे. रविवार सुबह जब यशवंतपुर एक्सप्रेस लखनऊ की ओर से आ रही थी, तो लोको पायलट ने ट्रैक पर इन पत्थरों को देख लिया. संयोग से ट्रेन पहले ही रेड सिग्नल के कारण धीमी हो रही थी, जिससे लोको पायलट ने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए और बड़ा हादसा होने से बच गया.

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रेलवे अधिकारी ने बताया कि ट्रैक पर एक फुट लंबा बड़ा पत्थर और कई छोटे पत्थर रखे गए थे. घटना की जानकारी मिलते ही रेलवे अधिकारियों ने पुलिस को इसकी सूचना दी और स्थानीय थाने में शिकायत दर्ज करवाई. फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन पत्थरों को किसने और क्यों रखा.

नापाक साजिश कई बार हो चुकी है नाकाम 
गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों से रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों को पलटाने की बड़ी साजिश चल रही है. रेलवे ट्रैक पर कभी गैस सिलेंडर, कभी साइकिल, कभी पत्थर तो कभी लोहे के सरिये बरामद किए गए. ये खतरा इसलिए भी बड़ा है, क्योंकि देश की ज्यादातर आबादी अपने सफर को आसान बनाने के लिए ट्रेन से ही यात्रा करना पसंद करती है. ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कौन ट्रेनों पर लोन वुल्फ अटैक की प्लानिंग कर रहा है.

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ऐसा नहीं है कि रेलवे ट्रैक पर यह सब सामान मिलने की घटनाएं कुछ विशेष शहरों या राज्यों में ही आई हैं. बल्कि, ऐसी घटनाएं उत्तर प्रदेश से लेकर ओडिशा और तेलंगाना से लेकर मध्य प्रदेश तक सभी जगह देखने को मिल रही हैं.

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