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मेरठ: UP एसटीएफ संग मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी रवि मवाना गिरफ्तार

यूपी एसटीएफ ने मेरठ के इंचैली थाना क्षेत्र से एनकाउंटर के बाद रवि को दबोच लिया. मुठभेड़ में फायरिंग के वक़्त रवि मवाना घायल हो गया. बीते 31 मई को मेरठ के व्यापारी से 5 लाख की रंगदारी मांगी गई थी, जिसमें रवि मवाना शामिल था. व्यापारी ने रंगदारी नहीं दी तो दुकान में घुसकर उसके बेटे को गोली मार दी गई थी.

रवि मवाना रवि मवाना
संतोष शर्मा
  • मेरठ,
  • 16 सितंबर 2023,
  • अपडेटेड 4:50 PM IST

यूपी एसटीएफ ने मेरठ में मुठभेड़ के बाद 50 हजार के इनामी रवि मवाना को गिरफ्तार किया है. रवि मवाना गैंगस्टर सनी काकरान का शार्प शूटर है, उस पर 50000 का इनाम रखा गया था जिसे एसटीएफ के साथ मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया.

यूपी एसटीएफ ने मेरठ के इंचैली थाना क्षेत्र से एनकाउंटर के बाद रवि को दबोच लिया. मुठभेड़ में फायरिंग के वक़्त रवि मवाना घायल हो गया. बीते 31 मई को मेरठ के व्यापारी से 5 लाख की रंगदारी मांगी गई थी, जिसमें रवि मवाना शामिल था. व्यापारी ने रंगदारी नहीं दी तो दुकान में घुसकर उसके बेटे को गोली मार दी गई थी. रवि मवाना पर मेरठ और मुजफ्फरनगर के कई थानों में हत्या, लूट, डकैती के 11 मुकदमे दर्ज हैं.

रवि मवाना उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाके में काफी सक्रिय था. कुख्यात अपराधियों पर शिकंजा कसने की कवायद में यूपीएसटीएफ की कई गठित इकाइयों में से एक मेरठ इकाई ने उसे गिरफ्तार किया.

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मालूम हो कि यूपी एसटीएफ को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जनपदों में कुख्यात शातिर अपराधियों के सक्रिय होकर आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिये जाने की सूचनायें लगातार मिल रही थीं। पिछले काफी समय से एसटीएफ की टीम ने कई कुख्यात को गिरफ्तार किया है.

यूपी एसटीएफ ने जालसाजों को किया था गिरफ्तार
बता दें कि यूपी एसटीएफ ने हाल ही में लखनऊ में 700 बेरोजगारों से दो करोड़ रुपये से ज्यादा हड़पने वाले चार आरोपियों को गिरफ़्तार किया था. पकड़े गए लोग फर्जी कॉल सेंटर खोलकर नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करते थे. 

ये जालसाज अपने कॉल सेंटर पर एमटेक और बीटेक पास युवाओं को नौकरी पर रखते थे. यूपी एसटीएफ की छापेमारी में इनकी गिरफ़्तारी हुई. 
लखनऊ के इंदिरानगर में एक कॉल सेंटर चलाया जा रहा था जिसमें इंटरनेट व अन्य माध्यम से बेरोजगारों के नंबर पता कर लिए जाते थे. इसके बाद उनको फ़ोन करके नौकरी दिलाने के नाम पर दो या तीन बार में 50 हजार से 1 लाख रुपये वसूल लिए जाते थे. पकड़े गए जालसाज पिछले तीन साल से इस कॉल सेंटर को चला रहे हैं. पहले उनका यह कॉल सेंटर गाजियाबाद में खोला गया था.

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