
उत्तर प्रदेश में आवारा पशुओं की समस्या को लेकर जहां एक तरफ सियासत हमेशा से गर्म रही है तो वहीं अब 6 साल पूरे होने के बाद भी सरकार इस पर पूरी तरीके से नियंत्रण नहीं कर पाई है. आलम यह है कि सड़कों पर और खासतौर पर हाईवे पर आवारा पशुओं से हो रही दुर्घटनाओं में इजाफा हो रहा है, जिसके चलते यूपी की सियासत का यह बड़ा मुद्दा बनता नजर आ रहा है. हाल के मामलों में खास तौर पर आवारा पशुओं के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में राहगीरों की मौत भी हुई है.
सूबे के पशुधन मंत्री भी मानते हैं कि उत्तर प्रदेश में चार लाख से ज्यादा आवारा पशु हैं, जिन्हें अभी गौशाला भेजना बाकी है. उत्तर प्रदेश सरकार ने कई बार निर्देश भी जारी किए हैं कि आवारा पशुओं को सड़कों पर घूमने से रोका जाए, लेकिन जिम्मेदार प्राधिकरणों और अन्य जिम्मेदार लोगों ने कभी भी मजबूत कदम नहीं उठाया है.
दो भाइयों की गई जान
लखनऊ के गोसाईंगंज के कस्बा अमेठी के चौहट्टा निवासी शाहरुख (25) और छोटे भाई ताज वारिस (21) की जो सोमवार को साथ में बाइक से सुबह छह बजे दुबग्गा मंडी सब्जी जा रहे थे. सुल्तानपुर हाईवे पर अहिमामऊ गांव के पास दोनों की बाइक मवेशी से शव से टकरा गई. बाइक शाहरुख चला गया था और पीछे बैठे ताज वारिस की हादसे में मौत हो गई थी. जवान बेटों की मौत की खबर सुनकर मां मेहर जहां और पिता गुलाम अंसारी बेसुध हो गए. पोस्टमार्टम के बाद शव जब घर पहुंचे तो कोहराम मच गया. दोनों भाइयों को सुपुर्दे खाक कर दिया गया है.
मेरे दोनों बेटों की मौत के जिम्मेदार आवारा पशु: पीड़ित पिता
60 वर्षीय पिता गुलाम वारिस कहते हैं की सड़क पर आवारा पशुओं की संख्या बढ़ती जा रही है जो आए दिन ऐसी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं. अगर, सरकार ने समय पर इंतजाम किए होते तो ये न होता. 6 साल से आवारा पशु अभी तक गौशाला नहीं पहुंचे हैं. गुलाम कहते हैं कि उनके दोनों बच्चों की मौत के लिए यह समस्या जिम्मेदार है और उन्होंने अपने घर के दोनों कमाने वाले लड़कों को खो दिए, जिससे परिवार की स्थिति खराब हो गई है. गुलाम रोते हुए अपील करते हैं कि सरकार इस बड़ी समस्या का कुछ करें जो सड़क पर आए दिन लोगों की जान ले रही है.
मवेशी से टकराकर गिरा, ट्रक ने कुचल दिया
दूसरी तरफ सड़क पर घूम रहे आवारा पशुओं के कारण कई हादसे हो रहे है, आवारा पशुओं की वजह से हादसे का एक और मामला नोएडा में सामने आया है. यहां एक बाइक सवार एक आवारा मवेशी से टकराकर सड़क पर गिर गया. इसके बाद एक तेज रफ्तार ट्रक ने उसे रौंद दिया. युवक की मौके पर ही मौत हो गई. ग्रेटर नोएडा के थाना बादलपुर में हुए इस हादसे का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जो काफी भयावह है. इस वीडियो में दिख रहा है कि आवारा पशु से टक्कर लगने के बाद बुलेट सवार एक युवक सड़क पर गिर गया. इसी दौरान पीछे से आ रही ट्रक उसके सिर के ऊपर से गुजर गई, जिसमें युवक की तत्काल मौत हो गई जो यह हादसा ग्रेटर नोएडा के एनएच 91 पर हुआ था.
आवारा पशु के हमले में शख्स की मौत
ऐसा ही एक और मामला मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना इलाके में दिखा, जहां मोहल्ला खाकरोबान निवासी महावीर प्रजापति (40) की आवारा पशु के हमले से मौत हो गई. बेटे अंकित ने बताया कि पिछले दिनों सुबह की सैर करने के बाद महावीर अपने घर लौट रहे थे, बड़कता रोड पर दो आवारा गोवंशीय पशु आपस में लड़ रहे थे. इसी दौरान महावीर वहां से गुजरा तो दोनों पशु उसके पीछे दौड़ पड़े और उस पर हमला कर घायल कर दिया. दुकानदारों ने लाठी-डंडों से बमुश्किल पशुओं को भगाया और हादसे की जानकारी पर परिजन मौके पर पहुंच गए, जहां गंभीर हालत में महावीर को सीएचसी पर भर्ती करवाया गया. प्राथमिक उपचार के बाद उसे मेरठ रेफर किया गया, लेकिन मेरठ चिकित्सालय में उपचार के दौरान महावीर की मौत हो गई.
आवारा पशुओं पर सियासी पारा चढ़ा
वहीं, इन मामले को लेकर के सियासत लगातार तेज है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी इस मुद्दे को प्रदेश में हमेशा से उठते रहे हैं और आवारा पशु, सांड की समस्या से किसानों की मौत, सड़क हादसे और फसल खराब होने को लेकर योगी सरकार को लगातार हमलावर रहे हैं.
आज तक से बातचीत में सपा विधायक रविदास मल्होत्रा कहते हैं कि लखनऊ समेत सभी जिलों में आवारा पशु की समस्या सबसे बड़ी है, जिस पर सरकार ने कोई ध्यान नहीं दिया आए दिन मौतें हो रही है, लेकिन सरकार चुप बैठी है, जिसके चलते 6 साल में अभी तक इस पर कोई रोक नहीं लग पाई है.
कांग्रेस का यूपी सरकार पर हमला
इसके अलावा कांग्रेस भी इस मुद्दे पर बीजेपी को घेरती नजर आती है और खुले तौर पर इसे सरकार की देन कहती है. कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा योगी सरकार में आवारा पशु किसान की फसल ही नहीं बल्कि इंसान की नस्ल को भी खत्म कर रहे हैं, सड़क दुर्घटना में हो रही मौत के लिए सरकार जिम्मेदार है क्योंकि यह समस्या सरकार की दी हुई है, जिन्होंने वादा किया था कि प्रदेश से आवारा पशु की समस्या को पूरी तरह खत्म कर देंगे, लेकिन इसमें पूरी तरह सफल रहे और जुमलेबाजी करते रहे. यह महज़ हादसा नहीं बल्कि सरकार प्रदत्त हत्या है,जिन बातों का श्राप बीजेपी की सरकार को ही लगेगा.
यूपी पशुधन मंत्री का यह है कहना
आज तक से बात करते हुए उत्तर प्रदेश के पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा की समस्या को लेकर के सरकार संजीदा है और 31 दिसंबर तक विशेष अभियान चला कर सड़क पर मौजूद आवारा पशुओं को गौशाला तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. मंत्री ने माना कि अभी भी उत्तर प्रदेश में 4 लाख से ज्यादा आवारा पशु बाहर है, जिन पर नियंत्रण करने की जरूरत है.
सरकार कर रही गंभीरता से काम
उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में सामाजिक भागीदारी भी जरूरी है जो दुधारू जानवर को इस्तेमाल की बात सड़क पर छोड़ देते हैं और ऐसे हादसे से हो रहे हैं. वहीं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के आवारा पशुओं पर निशाना साधने पर कहा की समस्या सपा सरकार की देन है जो सालों से इस बढ़ते रहे लेकिन सरकार इस विषय पर गंभीरता से काम कर रही है.