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नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ (Prime Minister Oath) ले ली है. प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) के साथ ही 71 मंत्रियों ने भी शपथ ली. मोदी कैबिनेट 3.0 में उत्तर प्रदेश का दबदबा कायम रहा. यूपी से 10 चेहरों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिली है, जो कि अन्य राज्यों के मुकाबले सबसे ज्यादा है.
मोदी कैबिनेट में उत्तर प्रदेश से पांच पिछड़े, दो दलित और तीन अगड़ी जाति के नेताओं को मंत्री पद दिया गया है. माना जा रहा है कि इसके जरिए जातिगत समीकरण साधने की कोशिश की गई है, साथ ही एनडीए के अपने सहयोगियों का भी ध्यान रखा गया है.
मालूम हो कि यूपी की कुल 80 सीटों में से सपा ने 37 पर जीत दर्ज की है. जबकि, बीजेपी को 33 सीटें मिली हैं. वहीं, कांग्रेस को 6 सीट, रालोद को 2 सीट, आजाद समाज पार्टी और अपना दल (एस) को एक-एक सीट हासिल हुई है. मायावती की पार्टी बसपा का खाता नहीं खुला है.
सपा के पीडीए का जवाब?
दरअसल, समाजवादी पार्टी और गठबंधन ने अपनी जीत का श्रेय अपने "पीडीए" फॉर्मूले को दिया है. पीडीए का मतलब है कि सपा का फोकस 'पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक' पर है.
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ऐसे में नई सरकार के गठन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत यूपी से अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय के पांच सदस्यों को शामिल किया गया है. इसके अलावा जयंत चौधरी (जाट), पंकज चौधरी (कुर्मी), अनुप्रिया पटेल (कुर्मी) और बीएल वर्मा (लोध) को भी मोदी कैबिनेट में जगह मिली है. दलित समुदाय से आने वाले कमलेश पासवान और एसपी सिंह बघेल को भी नई सरकार में जगह दी गई है.
केंद्रीय मंत्रिपरिषद में अगड़ी जाति के तीन नेताओं को मौका दिया गया है. मोदी के बाद शपथ लेने वाले राजनाथ सिंह और राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह क्षत्रिय समुदाय से आते हैं, जबकि एक अन्य राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ब्राह्मण समुदाय का प्रतिनिधित्व करते हैं.
सहयोगी दलों को क्या मिला?
मोदी 3.0 सरकार (सहयोगी दलों से) में शामिल मंत्रियों में आरएलडी के जयंत चौधरी हैं जिन्हें स्वतंत्र प्रभार के साथ राज्य मंत्री का पद दिया गया, अपना दल (एस) की प्रमुख अनुप्रिया पटेल, जो 2014 से एनडीए में हैं तीसरी बार राज्य मंत्री बनने में सफल रही हैं.
यूपी में बीजेपी के अन्य सहयोगी दलों, यूपी सरकार के पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर के नेतृत्व वाली सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) और यूपी के मत्स्य पालन मंत्री संजय निषाद के नेतृत्व वाले निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल (निषाद) को मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली. दरअसल, इनकी पार्टी को लोकसभा चुनाव में एक भी सीट नहीं मिली है.
एसबीएसपी प्रमुख के बेटे अरविंद राजभर घोसी में सपा उम्मीदवार राजीव राय से हार गए, जबकि संत कबीर नगर में भाजपा के चुनाव चिन्ह पर चुनाव लड़ने वाले निषाद पार्टी प्रमुख के बेटे पूर्व सांसद प्रवीण निषाद भी अपनी सीट हार गए.
सर्वाधिक मंत्री पद मिलने के मामले में दूसरे नंबर पर बिहार
कैबिनेट बर्थ के मामले में बिहार दूसरे नंबर पर है. बिहार को मोदी मंत्रिमंडल में आठ मंत्री पद मिले हैं. बीजेपी के चार नेताओं- गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय, सतीश चंद्र दुबे और राजभूषण चौधरी के साथ ही जेडीयू कोटे से ललन सिंह और पूर्व मुख्यमंत्री भारत रत्न कर्पूरी ठाकुर के बेटे रामनाथ ठाकुर मंत्री बनाए गए हैं. एलजेपी के कोटे से चिराग पासवान और हम पार्टी के कोटे से जीतनराम मांझी भी मोदी सरकार 3.0 में मंत्री बनाए गए हैं.
मोदी सरकार में कुल सात महिला मंत्री
गौरतलब है कि मोदी सरकार 3.0 में महिला वर्ग से सात चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है. पिछली सरकार में मंत्री रही निर्मला सीतारमण और अनुप्रिया पटेल के साथ ही अन्नपूर्णा देवी, शोभा करंदलाजे,रक्षा खडसे, सावित्री ठाकुर और निमुबेन बमभानिया को मंत्री बनाया गया है.