
महाकुंभ के बाद श्रद्धालुओं की भारी भीड़ वाराणसी में उमड़ रही है. संगम में डुबकी लगाने और धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होने के लिए लाखों श्रद्धालु रोजाना पहुंच रहे हैं. इस भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए हाईटेक ड्रोन की मदद ले रहा है.
काशी जोन के एडीसीपी सरवण टी. के अनुसार, श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस ने 'टेथ्रेड ड्रोन' तैनात किया है, जिससे पूरे एरिया पर नजर रखी जा रही है. यह ड्रोन खास तकनीक से लैस है और 12 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है. इसे जनरेटर के माध्यम से ऊर्जा मिलती है, जिससे यह सामान्य ड्रोन की तुलना में अधिक समय तक काम कर सकता है.
यह हाइटेक ड्रोन 3 किलोमीटर के दायरे तक निगरानी करने की क्षमता रखता है. इसके कैमरे हाई-रिजॉल्यूशन इमेज और वीडियो कैप्चर कर सकते हैं, जिससे पुलिस को भीड़ की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखने में मदद मिल रही है. खास बात यह है कि यह ड्रोन नाइट विजन कैमरे से भी लैस है, जिससे रात के समय भी निगरानी की जा सकती है.
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फिलहाल, इस ड्रोन को वाराणसी के गोदौलिया चौराहे स्थित मारवाड़ी अस्पताल की छत पर तैनात किया गया है. यहां से यह गोदौलिया, रामपुरा, सोनारपुरा, दशाश्वमेध घाट और काशी विश्वनाथ मंदिर सहित आसपास के इलाकों की निगरानी कर रहा है. इन स्थानों पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ रहती है. ऐसे में ड्रोन की सहायता से सुरक्षा बलों को स्थिति को नियंत्रित करने में बड़ी मदद मिल रही है.
ड्रोन तकनीक से पुलिस को मिल रही मदद
वाराणसी पुलिस का मानना है कि ड्रोन से काफी मदद मिल रही है. अगर किसी क्षेत्र में असामान्य हलचल देखी जाती है, तो तुरंत पुलिस टीम को सतर्क कर कार्रवाई की जाती है. एडीसीपी सरवण टी. ने बताया कि इस ड्रोन के उपयोग से पुलिस टीम को काफी मदद मिल रही है. इसे अन्य महत्वपूर्ण जगहों पर भी तैनात करने की योजना है.
महाकुंभ में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे पुलिस के दिशा-निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित तरीके से धार्मिक अनुष्ठान करें. गोदौलिया, दशाश्वमेध और काशी विश्वनाथ मंदिर जैसे महत्वपूर्ण स्थलों पर जाने से पहले लोगों को सतर्क रहने और भीड़भाड़ वाले स्थानों में धैर्य बनाए रखने की सलाह दी गई है.