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तीन तलाक की पीड़ित महिलाएं बना रहीं राम लला के वस्त्र, राम मंदिर ट्रस्ट को सौंपेंगी चंदे से जुटाई राशि

अयोध्या में 22 जनवरी को राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होनी है. देशभर में अलग-अलग तरीके से लोग तैयारी कर रहे हैं. ऐसे में बरेली की तीन तलाक पीड़िताएं रामलला के वस्त्र बनाने में जुटी हैं. बेहद ही सुंदर ड्रेस को तैयार करने के बाद इसे लेकर ये तीन तलाक पीड़िताएं अयोध्या जाएंगी और वहां के महंत को ये खूबसूरत पोशाक सौपेंगी. 

राम लला के वस्त्र सिलती बरेली की ट्रिपल तलाक पीड़िताएं. राम लला के वस्त्र सिलती बरेली की ट्रिपल तलाक पीड़िताएं.
कृष्ण गोपाल राज
  • बरेली,
  • 06 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 9:03 AM IST

इन दिनों उत्तर प्रदेश के बरेली में तीन तलाक की पीड़ित महिलाएं राम लला के वस्त्र में तैयार करने में लगी हैं. इन वस्त्रों में खूबसूरती के लिए जरी जरदोजी का भी काम किया जा रहा है. यह सभी महिलाएं बरेली के मेरा हक फाउंडेशन के बैनर तले कार्य कर रही हैं, जो पीड़ित महिलाओं के हक के लिए एनजीओ के रूप में काम करता है. राम लला की प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी को होने जा रही है. महिलाओं की इच्छा है कि इस मौके पर ये वस्त्र अयोध्या पहुंच जाएं.  

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बोली महिलाएं तीन तलाक से मिली निजात

मेरा हक फाउंडेशन के तहत काम करने वाली महिलाओं का कहना है कि तीन तलाक से इनको निजात मिली है. भाजपा सरकार ने महिलाओं को उनका हक दिलाया है. भाजपा सरकार में तीन तलाक पीड़िताओं के चेहरे पर मुस्कान आई है. इसके चलते वे भाजपा सरकार से बेहद खुश हैं. ऐसे में मेरा हक फाउंडेशन ने यह तय किया है कि जब पूरा देश रामलला के स्वागत के लिए जुट गया है, तो भला वे कैसे पीछे रहें. लिहाजा, उन्होंने भी राम लला की ड्रेस बनाने का फैसला किया.

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दिन-रात चल रहा है जरी का काम

राम लला के लिए पोशाक बनाने वाली महिलाओं का कहना है वे कि फुर्सत के समय में इस पोशाक को तैयार करती हैं. इसमें ज्यादातर वे महिलाएं हैं, जो जरी जरदोजी का काम करके अपनी जीविका चलती हैं. ऐसे में राम लला की पोशाक में वह जरी जरदोजी का विशेष काम भी करेंगी. 

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इन पर दिन-रात जरी का काम चल रहा है, जिससे राम लला के वस्त्रों की खूबसूरती बढ़ेगी. यह पहला मौका है, जब राम लला के लिए तीन तलाक पीड़िताएं वस्त्र तैयार कर रही हैं. इस पोशाक में कौमी एकता की एक अनोखी झलक भी देखने को मिलेगी. दरअसल, राम लला के लिए इन खूबसूरत पोशाकों को मुस्लिम महिलाओं ने तैयार किया है. 

कट्टरपंथी मानसिकता की सोच पर तमाचा 

एनजीओ की संचालिका ने बताया कि करीब 40-45 महिलाएं हमारे एनजीओ से जुड़ी हैं. हमारा संदेश प्रेम और एकता का पैगाम पहुंचना है. भगवान राम सबके हैं. यह आस्था का विषय है, जिसको लेकर हम सभी मुस्लिम महिलाएं वस्त्र तैयार कर रही हैं. बरेली की जरी जरदोजी काम मशहूर है. औरतों के हाथ में इस चीज का हुनर भी है. बहुत खूबसूरती से भगवान राम के लिए उन वस्त्रों को सजाकर तैयार कर रही हैं. 

इसके साथ-साथ हम महिलाएं मिलकर मुस्लिम समाज से सहयोग राशि भी एकत्रित कर रहे हैं. इसे हम राम मंदिर ट्रस्ट को सौंपेंगे और भगवान रामचंद्र को यह वस्त्र भेंट करेंगे. कट्टरपंथी मानसिकता की सोच के लोगों के मुंह पर यह तमाचा है. हम एक देश में रहते हैं. हम इस चीज को मिलकर साथ में एकता और प्रेम के साथ करेंगे.

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राम मंदिर पर कोर्ट के फैसले का स्वागत 

यह भारत के संविधान का मामला है. कोर्ट ने जो फैसला किया, उसका हमने स्वागत किया है. मंदिर हो या मस्जिद हो, यह धर्म से जुड़ा मामला है. इसलिए हम इस चीज को बहुत खुशी से देख रहे हैं. राम मंदिर बन रहा है, इसमें भी हम बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं. 

विपक्ष ने मुस्लिमों को हमेशा समझा वोट बैंक 

विपक्ष का मामला एक राजनीतिक मुद्दा है. मुसलमानों को हमेशा वोट बैंक समझा गया है. मुसलमानों के नाम पर गलत ढंग से राजनीति की गई है. मुसलमानों का फायदा उठाया गया है. ज्यादातर मुसलमान को यह बात पता चल चुकी है. जब हम चंदा लेने गए, तो ज्यादातर मुसलमानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. विरोध करने वाले भी हैं. जाहिर सी बात है कट्टरपंथी सोच के लोग हमेशा ही रहेंगे.

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