
Uttar Pradesh News: अमेठी के आरिफ और सारस की दोस्ती के किस्से तो हम सबने सुने होंगे. सोशल मीडिया पर उनकी दोस्ती काफी चर्चा में रही. अब अमेठी के पड़ोसी जिले रायबरेली से कुछ ऐसी ही कहानी सामने आई है. हालांकि, इस बार इंसान का दोस्त सारस नहीं बल्कि एक बंदरिया है. मालिक आकाश के मुताबिक, इस बंदरिया का नाम 'रानी' है जो रोटी बनाने से लेकर बर्तन साफ करने तक का काम करती है. बंदरिया एकदम इंसानों की तरह व्यवहार करती है, ये ना तो कभी किसी को काटती है और ना ही इंसानों का साथ छोड़कर जाती है. पिछले 8 साल यह उनके साथ परिवार के एक सदस्य के रूप में रह रही है. गांव वाले अब इसे कामकाजी और घरेलू बंदरिया कहने लगे हैं.
दरअसल, पूरा मामला रायबरेली जिले के भदोखर थाना क्षेत्र के खागीपुर सड़वा गांव का है जहां 'रानी' नाम की ये बंदरिया आकाश नाम के युवक के साथ उनके घर में रहती है. परिवार के अन्य सदस्य भी हंसी-खुशी इस बंदरिया के साथ रहते हैं. आकाश एक यूट्यूब चैनल भी चलाते हैं. इसमें वह बंदरिया के वीडियोज डालते रहते हैं, जिन्हें करोड़ों में व्यूज मिलते हैं. उनके चैनल पर इस वक्त 8 लाख से अधिक सब्सक्राइबर्स हैं.
आकाश बताते हैं कि रानी पिछले आठ साल से उनके घर की सदस्य है. यह परिवार के साथ ही उठती-बैठती, खाती-पीती और सोती है. इतना ही नहीं जब मूड होता है तो घर के कामों में हाथ भी बंटाती है. बंदरिया के इंसानों जैसे काम करते हुए वीडियो वह कैमरे में कैद करके अपने यूट्यूब चैनल पर डालते हैं, जिसे व्यूअर्स काफी पसंद करते हैं.
8 साल पहले घर आई, फिर सदस्य बनकर रह गई 'रानी'
बकौल आकाश- आठ साल पहले बदरों का एक झुंड गांव में आया था. उसी झुंड के साथ यह बंदरिया भी थी. लेकिन बाद में अपने साथी बंदरों से अलग हो गई थी. बेसहारा घूम रही बंदरिया को मां ने खाना खिलाया और सहारा दिया. तभी से बंदरिया घर के आसपास रहने लगी. धीरे-धीरे इंसानों का साथ मिला तो बंदरिया में भी कई गुण इंसानों वाले आ गए.
आकाश आगे बताते हैं कि बंदरिया को गांव के लोग 'मंकी रानी' कह कर बुलाते हैं. इंसानों जैसी हरकतें व काम करने की अनोखी कला से रानी पूरे गांव की चहेती बन गई है. घर में जब रोटी सेंकी जाती है तो रानी चूल्हे के पास बैठ जाती है और बेलन उठाकर रोटी बेलना शुरू कर देती है. वहीं, जब बर्तन धुले जाते हैं तो थाली-प्लेट आदि लेकर उन्हें मांजने लगती है.
आकाश ने बताया कि रानी का सबसे ज्यादा लगाव उनकी मां से था. वह अधिकांश समय उन्हीं के साथ रहती थी. मगर मां के निधन के बाद अब रानी उनके साथ रहती है. मां के गुजर जाने पर रानी बेहद मायूस थी. तेरहवीं में उसने सबके साथ बैठकर भोजन किया, लेकिन निराश मन से.
रानी सिर्फ इंसानों की तरह काम ही नहीं करती, बल्कि वह उनके दुख-दर्द में भी शामिल होती है. आंसू भी पोंछती है. फिलहाल, 'मंकी रानी' के घरेलू काम करने की चर्चा सोशल मीडिया पर खूब हो रही है. वहीं, रानी के यूट्यूब वीडियोज के माध्यम से आकाश की कमाई भी हो जाती है.