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असलहों की होम डिलीवरी... आजमगढ़ में पकड़ा गया ऑनलाइन ऑर्डर पर तमंचा-कट्टा बनाने वाला गैंग

आजमगढ़ में हैरान करने वाला मामला सामने आया, जहां ऑनलाइन डिमांड पर अवैध असलहे बनाए जा रहे थे. इतना ही नहीं इन असलहों की होम डिलीवरी भी की जा रही थी. सूचना के आधार पर पुलिस ने छापा मारा तो मौके से कई निर्मित, अर्धनिर्मित असलहे और कारतूस बरामद हुए. फिलहाल, मामले में हिस्ट्रीशीटर सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 

आजमगढ़ पुलिस की गिरफ्त में आरोपी आजमगढ़ पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
राजीव कुमार
  • आजमगढ़ ,
  • 05 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 10:55 AM IST

यूपी के आजमगढ़ में हैरान करने वाला मामला सामने आया, जहां ऑनलाइन डिमांड पर अवैध असलहे बनाए जा रहे थे. इतना ही नहीं इन असलहों की होम डिलीवरी भी की जा रही थी. सूचना के आधार पर पुलिस ने छापा मारा तो मौके से कई निर्मित, अर्धनिर्मित असलहे और कारतूस बरामद हुए. फिलहाल, मामले में हिस्ट्रीशीटर सहित 5 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 

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आजमगढ़ के एसपी हेमराज मीना ने बताया कि लाइसेंसधारी शस्त्र धारकों द्वारा भी इन लोगों से खरीद की जाती थी. उनकी पहचान की जा रही है. जांच-पड़ताल के बाद कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, बीती रात मारे गए छापे में 5 लोग पकड़े गए हैं. सिधारी पुलिस व स्वाट टीम की संयुक्त कार्यवाही में इस अवैध असलहा फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ है. 

पकड़े गए अभियुक्तों के पास से चोरी की लाइसेंसी बंदूक के साथ 68 जिंदा कारतूस, 69 खोखा कारतूस, एक मैगजीन, निर्मित व अर्धनिर्मित कई तमंचे, दो बाइक आदि बरामद की गई है. अभियुक्तों में रविकांत उर्फ बड़क सिधारी थाने का हिस्ट्रीशीटर है तथा उसके ऊपर लगभग 9 मुकदमें दर्ज हैं. वहीं, संजय विश्वकर्मा निवासी थाना जहानागंज पर भी सिधारी थाने में पूर्व में मुकदमें दर्ज हैं. 

इन दोनों के साथ रामविलास चौहान निवासी थाना जहानागंज, पंकज निषाद निवासी हरबंशपुर थाना सिधारी, मुंशी राम निवासी थाना जहानागंज को हिरासत में लेकर कोर्ट में पेश किया गया. जबकि, मामले में वांछित अभियुक्त रामधारी राजभर निवासी बसही लहुआ कला थाना देवगांव पर आजमगढ़, जौनपुर, गाजीपुर में आधा दर्जन मुकदमें दर्ज हैं. 

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गिरफ्तार अभियुक्तों ने बताया कि वो लोग काफी समय से अलग-अलग सुनसान जगहों पर अवैध असलहे बनाते आ रहे हैं. कबाड़ी की दुकान से अपने काम लायक लोहे की पाइप एवं अन्य सामान चुनकर खरीद लेते, फिर मार्केट से बाकी की चीजें खरीदकर उनका प्रयोग तमंचा बनाने में करते. असलहा व कारतूस तैयार होने पर पंकज निषाद, रविकांत और मुंशी द्वारा बाइक से डिमांड के मुताबिक जगह-जगह जाकर सप्लाई करते थे. असलहों की सप्लाई आजमगढ़, गाजीपुर व अगल बगल के जिलों में होती थी.  

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