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मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद पति ने खोलीं आंखें तो चौंका, बगल के बेड पर भर्ती मिली 22 दिन से लापता पत्नी

जब राकेश की आंखों की पट्टी खुली तो उनके बगल के बेड पर भर्ती महिला ने पानी मांगा. महिला की आवाज़ सुनकर राकेश चौंक गए. पास जाकर देखा तो वह महिला कोई नहीं बल्कि, गुमशुदा पत्नी निकली. यह देख पति राकेश भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू बह निकले. लेकिन सिर पर चोट पर चोट लगने की वजह से पत्नी कुछ बता नहीं पाई और न ही पति को पहचान पाई.

जिला अस्पताल में अगल-बगल के बेड पर भर्ती पति और पत्नी. जिला अस्पताल में अगल-बगल के बेड पर भर्ती पति और पत्नी.
सूरज सिंह
  • उन्नाव ,
  • 13 फरवरी 2025,
  • अपडेटेड 3:38 PM IST

मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद अस्पताल में भर्ती एक मरीज ने अपनी आंखें खोलीं तो उसके बगल वाले बेड पर 22 दिनों से लापता पत्नी भर्ती मिली. यह देख पति की आंखों में आंसू आ गए. लेकिन महिला अपने पति को पहचान नहीं सकी. क्योंकि सिर में गंभीर चोट आने से उसकी याददाश्त चली गई थी. अब पति अस्पताल में पत्नी की सेवा करता है, इसके चलते महिला की याददाश्त लौटने लगी है. 

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उत्तर प्रदेश के उन्नाव का यह मामला है. शहर के केवटा तालाब बस्ती निवासी राकेश कुमार (50) की पत्नी शांति देवी (42) बीती 13 जनवरी को घर से अचानक गायब हो गई थीं. पति ने उनको उन्नाव से लेकर कानपुर, लखनऊ, कन्नौज तक तलाशा. लेकिन वह नहीं मिलीं. थक-हारकर पति ने 16 जनवरी को थाने में गुमशुदगी दर्ज करवाई. 

राकेश वेल्डिंग का काम करते हैं. पत्नी शांति के आलावा उनके घर में और कोई नहीं है. पत्नी के न मिलने पर वह तब से न तो काम पर गए और न ही घर गए. वह अपने दोस्त के यहां ही रहने लगे. इसी बीच, आंखों में दिक्क़त आने पर राकेश ने 6 फरवरी को अस्पताल में चेकअप कराया तो डॉक्टरों ने उनको ऑपरेशन कराने की सलाह दी. 

7 फरवरी को मोतियाबिंद ऑपरेशन के बाद राकेश को डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया. जब राकेश की आंखों की पट्टी खुली तो उनके बगल के बेड पर भर्ती एक महिला मरीज ने पानी मांगा. महिला की आवाज़ सुनकर राकेश चौंक गए. पास जाकर देखा तो वह महिला कोई नहीं बल्कि, गुमशुदा पत्नी निकली. यह देख पति राकेश भावुक हो गए और उनकी आंखों से आंसू बह निकले. लेकिन सिर पर चोट पर चोट लगने की वजह से पत्नी कुछ बता नहीं पाई और न ही पति को पहचान पाई.

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जिला अस्पताल में मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के बाद राकेश अपना सारा दुःखदर्द भूलकर फिर सिर्फ पत्नी की सेवा में ही लग गए ताकि किसी तरह से उनकी पत्नी ठीक हो जाए. राकेश ने बताया कि 13 जनवरी को उनकी पत्नी घर से कहीं चली गई थी. काफी तलाश करने पर जब वह नहीं मिली तो कोतवाली में शिकायत दर्ज़ करवाई. 

उधर, मोतियाबिंद का ऑपरेशन करवाने के बाद जब उनकी आंखों की पट्टी खोली गई तो बगल के बेड पर एक महिला ने पानी मांगा. पास जाकर देखा तो वह उनकी पत्नी शांति देवी ही थीं. जिनकी वह तलाश कर रहे थे.

राकेश ने बताया कि जब से उनकी पत्नी जिला अस्पताल में मिली है, तब से वह उसकी सेवा कर रहे हैं. पत्नी भी उन्हें पहचाने लगी है. लेकिन उन्होंने जिला अस्पताल में सही से इलाज़ न मिलने का आरोप लगाया है.

जिला अस्पताल के डॉक्टर कौशलेन्द्र प्रताप ने बताया कि महिला के सिर पर गंभीर चोट थी. जब उसे लाया गया था तब वह कुछ भी बताने समझने लायक नहीं थी. उसका इलाज़ किया जा रहा है. पति को वह पहचानने लगी है. फिलहाल सुधार हो रहा है. 

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