
उत्तर प्रदेश में भेड़ियों का आतंक खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है. ये जंगली भेड़िए आए दिन किसी न किसी को शिकार बना रहे हैं. ताजा मामला बहराइच जिले के महसी डिवीजन का है जहां आदमखोर भेड़ियों के हमले में दो साल की एक बच्ची की मौत हो गई जबकि सत्तर साल की महिला बुरी तरह घायल हो गई.
पड़ोसी जिले सीतापुर से भी इस जंगली जानवर को देखे जाने की खबरें सामने आ रही है. वन विभाग की तमामत कोशिशों के बाद भी भेड़ियों पर काबू नहीं पाया जा सका है.
इसको लेकर बहराइच की जिला मजिस्ट्रेट मोनिका रानी ने कहा कि 17 जुलाई के बाद से भेड़ियों के हमले में यह आठवीं मौत है. उन्होंने बताया कि हमलों में मारे गए लोगों में सात बच्चे शामिल हैं और लगभग 30 घायल हुए हैं.
भेड़िया खा गया बच्ची के दोनों हाथ
न्यूज एजेंसी के मुताबिक रविवार को हरदी इलाके के गरेठी गुरुदत्त सिंह गांव में दो साल की अंजलि अपनी मां के साथ अपने घर के बाहर सो रही थी, तभी उसे एक भेड़िया उठा ले गया. अधिकारियों ने बताया कि बच्ची का क्षत-विक्षत शव गांव से एक किलोमीटर दूर मिला और भेड़िए ने उसके दोनों हाथ खा लिए थे.
उन्होंने बताया कि दूसरी घटना में, बाराबीघा क्षेत्र के मौजा कोटिया गांव की है जहां 70 साल की कमला देवी उस समय घायल हो गईं जब एक भेड़िया उनके घर में घुस गया और सोमवार तड़के उन पर हमला कर दिया.
उन्होंने बताया कि उसकी गर्दन, मुंह और कान पर चोट लगने के कारण उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और उसकी हालत स्थिर बताई गई है. जिला मजिस्ट्रेट रानी ने कहा, प्रशासन पहले ही चार भेड़ियों को पकड़ चुका है और अन्य को पकड़ने के लिए काम कर रहा है. हालांकि, जिले में सौ से अधिक गांवों में वो समस्या बने हुए हैं. भेड़िये हर चार से पांच दिनों में एक नए गांव पर हमला करते हैं.
लोगों से घर में दरवाजे बंद रखने की अपील
डीएम मोनिका रानी ने कहा, लोगों को स्थिति के बारे में जागरूक किया जा रहा है और कहा गया है कि वे अपने घरों के अंदर दरवाजे बंद करके या छत पर सोएं. उन्होंने बताया कि रिपोर्ट के मुताबिक, दो भेड़िए हमला कर रहे हैं लेकिन वन विभाग सटीक संख्या के बारे में जानकारी जुटा रहा है.
पड़ोसी जिले सीतापुर में अज्ञात जानवरों के हमले में तीन महिलाओं के घायल होने के बाद परसेहरा शारिकपुर गांव के निवासियों में भी खौफ का माहौल है. स्थानीय लोगों ने दावा किया कि महिलाओं पर भेड़ियों ने हमला किया था, वन विभाग के अधिकारियों को संदेह है कि हमलों के पीछे सियार का भी हाथ हो सकता है.