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यूपी: एम्बुलेंस में बीमार पति के सामने महिला से छेड़छाड़, बचने के लिए चीखती-चिल्लाती और दरवाजा पीटती रही, अखिलेश बोले- शर्मसार करने वाली घटना

सिद्धार्थनगर जिले की एक महिला ने प्राइवेट एम्बुलेंस कर्मियों पर छेड़छाड़ और अभद्रता का आरोप लगाया है. महिला का कहना है कि वह अपने बीमार पति को लेकर लखनऊ से एम्बुलेंस से लौट रही थी. इसी दौरान रास्ते में उसके साथ गलत हरकत की गई. विरोध पर बस्ती में जबरन उतार दिया गया.

एम्बुलेंस की सांकेतिक फोटो एम्बुलेंस की सांकेतिक फोटो
संतोष सिंह
  • बस्ती/सिद्धार्थनगर ,
  • 05 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 10:41 AM IST

यूपी के सिद्धार्थनगर जिले की एक महिला ने प्राइवेट एम्बुलेंस कर्मियों पर छेड़छाड़ और अभद्रता का आरोप लगाया है. महिला का कहना है कि वह अपने बीमार पति को लेकर लखनऊ से एम्बुलेंस से लौट रही थी. इसी दौरान रास्ते में उसके साथ गलत हरकत की गई. इसमें ड्राइवर और उसका सहायक शामिल था. विरोध करने पर उसे, उसके पति और भाई को बस्ती के छावनी इलाके में हाइवे किनारे जबरन उतार दिया. साथ ही रुपये, मोबाइल आदि छीन लिए. जिसके बाद पीड़ित महिला ने डायल 112 पर फोन कर पुलिस को पूरी कहानी बताई. लेकिन तब कोई खास सुनवाई नहीं हुई. हालांकि, मामले के तूल पकड़ने के बाद अब लखनऊ के गाजीपुर थाने में एफआईआर दर्ज हुई है. क्योंकि, एम्बुलेंस लखनऊ की ही थी. सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी मामले में रिएक्ट किया है. 

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दरअसल, पूरा मामला 28 अगस्त का है जब सिद्धार्थनगर जिले के सकारपार पुलिस चौकी क्षेत्र के एक गांव की महिला अपने बीमार पति का बस्ती के अस्पताल में इलाज कराने पहुंची थी. जहां हालत बिगड़ते देख वह अपने पति हरीश साहनी को लखनऊ मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचती है. लेकिन बेड न खाली होने के चलते वहां उसे एडमिट नहीं किया जा सका. मजबूरी में वह अपने पति को लखनऊ के ही एक निजी चिकित्सालय ले जाकर भर्ती कराती है. 

एम्बुलेंस कर्मियों पर छेड़छाड़ और अभद्रता का आरोप 

यहां 2 दिन के उपचार में ही अस्पताल एक लाख रूपये से अधिक ले लेता है. रुपये खत्म होते देख वह डाक्टरों से पति को डिस्चार्ज करने को कहती है. इसी दौरान अस्पताल के काउंटर से उसे एक प्राइवेट एम्बुलेंस कर्मी का नंबर मिलता है. वह अपने बीमार पति को लेकर इस एम्बुलेंस से घर (सिद्धार्थनगर) चल देती है. बस यही से इंसानियत को शर्मसार करने की घटना शुरू हो जाती है. 

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पीड़ित महिला ने सुनाई आपबीती

एम्बुलेंस चालक बीमार पति के साथ पीछे बैठी पत्नी व उसके भाई से कहता है कि महिला को आगे की सीट पर बैठा दीजिए, ताकि रात में पुलिस परेशान न करे. क्योंकि, एम्बुलेंस प्राइवेट है, रास्ते में कागज वगैरह को लेकर दिक्कत हो सकती है. महिला आगे की सीट पर रहेगी तो पुलिस भी कुछ नहीं कहेगी. ये सुनकर मजबूर महिला आगे बैठ जाती है. इसी दौरान रास्ते में उसके साथ छेड़खानी की जाती है. एम्बुलेंस का मिरर बंद होने से पीछे बैठे महिला के भाई तक उसकी चीख नहीं पहुंचती है. 

बीच रास्ते बीमार को उतार दिया  

आखिर में महिला दरवाजा पीटने लगती है. तब एम्बुलेंस कर्मी बस्ती जिले के छावनी में हाइवे के किनारे गाड़ी रोकते हैं और महिला, उसके भाई और बीमार पति को उतारकर भाग जाते हैं. वे महिला का बैग, अस्पताल के कागजात व फोन भी छीन ले गए. जिसके बाद महिला के भाई ने अपने फोन से 112 पर फोन कर पुलिस से मदद मांगी.  

मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे सरकारी एम्बुलेंस से बस्ती जिला अस्पताल पहुंचाया. जहां से डाक्टरों ने उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया. यहां कुछ घंटो के उपचार के बाद महिला के पति ने दम तोड़ दिया. आरोप है कि पीड़ित महिला ज़ब छेड़खानी की शिकायत करने बस्ती जिले के छावनी थाने पहुंची तो वहां से उसे लखनऊ में रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कहा गया. जिसके बाद पीड़िता ने लखनऊ के गाजीपुर थाने में  मुकदमा दर्ज कराया. पीड़िता ने एम्बुलेंस कर्मियों पर एक्शन की मांग की है. 

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बस्ती एसपी का बयान 

इस पूरे घटनाक्रम पर बस्ती एसपी गोपाल चौधरी का बयान सामने आया है. एसपी ने बताया की निजी एम्बुलेंस चालकों पर महिला ने  अभद्रता का आरोप लगाया है. 29 अगस्त की रात को अनूप साहनी अपनी बहन और जीजा के साथ लखनऊ से सिद्धार्थनगर आ रहे थे. जीजा का लखनऊ के किसी प्राइवेट अस्पताल में इलाज चल रहा था. जब एम्बुलेंस जिले के छावनी थाना क्षेत्र में पहुंची तो कुछ विवाद हो गया, जिसके बाद एम्बुलेंस वाले ने सभी को उतार दिया. सूचना पर पुलिस पहुंची और बीमार को अस्पताल में भर्ती कराया. तब पीड़ित पक्ष द्वारा अभद्रता वाली बात नहीं बताई गई थी. हालांकि, अब आरोपों की जांच की जा रही है.  

अखिलेश ने किया रिएक्ट 

मामले में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने रिएक्ट किया है. उन्होंने 'एक्स' पर लिखा- "ऐसी घटना कि शब्द भी शर्मसार हो जाएं. शब्दों की सीमा से परे निंदनीय. यूपी में कहीं कोई सरकार है क्या?" 

(सिद्धार्थनगर से अनिल तिवारी की रिपोर्ट)

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