
शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में गिरफ्तार बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी की करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी को कोर्ट से जमानत मिल गई है. पार्थ चटर्जी की करीबी दोस्त और अभिनेत्री अर्पिता मुखर्जी ने ईडी की विशेष अदालत में जमानत याचिका दायर कर किसी भी हालत में जमानत मांगी थी.
केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय ने अदालत में सुनवाई के दौरान उनकी जमानत याचिका का विरोध किया. ईडी की काउंसिल ने कहा कि अगर उन्हें जमानत मिलती है तो जांच में बाधा आएगी क्योंकि जांच अभी भी चल रही है.
अर्पिता मुखर्जी की ओर से अधिवक्ता नीलाद्रि भट्टाचार्य ने न्यायालय में दावा किया कि, "शीर्ष न्यायालय द्वारा पारित बीएनएस की धारा 479 का प्रावधान महिला विचाराधीन कैदियों के पक्ष में लागू किया गया है. साथ ही, जल्दी ही मुकदमा शुरू होने की कोई संभावना नहीं है. ऐसे में वह निर्धारित सजा का एक तिहाई हिस्सा काट चुकी हैं, इसलिए उसे कोर्ट द्वारा लगाई गई किसी भी शर्त पर जेल से रिहा किया जाना चाहिए."
यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल: कोर्ट में सुनवाई के दौरान अचानक सामने आए पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी, जज ने लगाई फटकार
5 लाख के मुचलके पर मिली जमानत
दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्यायालय ने सोमवार को अर्पिता को 5 लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत दे दी. कोर्ट द्वारा लगाई गई शर्त के अनुसार, मुखर्जी कोलकाता पुलिस के अधिकार क्षेत्र से बाहर नहीं जा पाएंगी. कोर्ट ने अर्पिता को अपना पासपोर्ट जमा करने का भी आदेश दिया है और उसे जांच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया है. न्यायालय ने आदेश दिया कि वह किसी गवाह से नहीं मिल सकती और साक्ष्यों से छेड़छाड़ नहीं कर सकती हैं.
अर्पिता मुखर्जी पहले से ही पैरोल पर बाहर थीं, क्योंकि पिछले सप्ताह उसकी मां का निधन हो गया था. मां की मौत के बाद कोर्ट ने मानवीय आधार पर मुखर्जी को पैरोल दी थी. जमानत दिए जाने के इस आदेश के बाद उन्हें अब जेल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. उनके अधिवक्ता नीलाद्री भट्टाचार्य ने कहा, "इस समय कागजी काम और औपचारिकताएं चल रही हैं. हम कल जेल प्रशासन के समक्ष अदालती आदेश की प्रति पेश करेंगे ताकि उस पर अमल किया जा सके."
यह भी पढ़ें: ED की बड़ी कार्रवाई, पार्थ चटर्जी और अर्पिता मुखर्जी की 48.22 करोड़ की संपत्ति कुर्क की
फ्लैट से मिला था 50 करोड़ कैश
2022 में शिक्षक भर्ती घोटाले मामले में छापेमारी के दौरान ईडी ने भ्रष्टाचार मामले की जांच करते हुए उनके दो फ्लैटों से करीब 50 करोड़ रुपये नकद और करोड़ों रुपये के भारी आभूषण बरामद किए थे. पूछताछ के दौरान अर्पिता मुखर्जी ईडी को उन नकदी और आभूषणों के स्रोत के बारे में कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में विफल रहीं थीं. भारी बरामदगी के बाद ईडी ने अर्पिता मुखर्जी को दक्षिण कोलकाता स्थित उनके फ्लैट से गिरफ्तार कर लिया था. गिरफ्तार होने के बाद से अर्पिता मुखर्जी कोलकाता के अलीपुर महिला सुधार गृह में रह रही थीं.