पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के श्रीरामपुर में एक अनोखा दुर्गा पंडाल बनाया गया है, जो धान की खेती की प्राचीन विधि को दर्शाता है. 'आट-एर पल्ली क्लब' नामक इस पंडाल ने नबन्ना उत्सव से प्रेरणा लेकर इसे 'धन ओ धनेर कोहन' का नाम दिया है, जिसका अर्थ है 'चावल की खेती की कहानी'.